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“पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे वितरण: एक संकल्पना”

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“पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे वितरण: एक संकल्पना”

रोशनी पाण्डेयप्रधान संपादक

डॉ.रेनू शरण ने वृक्षारोपण के लिए सभी उपस्थित पदाधिकारियों को ग्लोबल वार्मिंग के विषय में चिंतन करते हुए कहा।कि पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस के तहत सम्पूर्ण भारत में पौधारोपण किया जाता है परन्तु बढते हुए तापमान को लेकर आज हम सभी विश्ववाशियों को इस विषय को गंभीरता से लेकर वृक्षों के संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण के लिए गभीरता से मनन करने की आवश्यकता है।आज मनुष्य और सरकार अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राचीन विशालकाय पौधे काटकर नवीन इमारत और रोड बनाने का निर्माण कार्य कर रहें हैं।जिसके कारण हमारी भूधरा का जल स्तर दिन प्रति दिन कम हो रहा है।पिछले कुछ सालों से एक ओर विकास के पथपर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा ।

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कहीं रोड चौड़ी करण हो रहा है।परन्तु इन सभी के चलते हजारों की संख्या में पौधों का दोहन हो रहा है।यदि आज हम लोगों ने ठोस कदम नहीं उठाया तो बहुत जल्द हम सभी को गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ेगा क्योंकि जितनी संख्या में वृक्ष हम लोग काट रहे है।उससे अधिक संख्या में पोधा नहीं लगाया जा रहा।यह गंभीर हालत है। हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि वृक्षों को अधिक से अधिक संख्या में लगाया जाए।और जागरूकता अभियान चलाया जाए ।ताकि आने वाले संकट से बच सकें।हमारा एक कदम प्राणी सुरक्षा के लिए अतिआवश्यक है।आने वाली पीढियों को ऑक्सीजन की कमी के साथ तमाम संक्रमित बीमारी का सामना करना पड़ेगा।हमें आम,पीपल, बरगद, पाकल,आवला, कठहल, नीम,लीची, जैसे तमाम वृक्ष लगाने चाहिए।ताकि फल और छाया प्रदान कर, हमारी जल स्तर व धरा को संरक्षण हो। इस अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दू महासंघ के पदाधिकारी, ट्रस्ट के सम्मानित जन के साथ तमाम लोगों की उपस्थिति रही।

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