उत्तराखंड जरा हटके रामनगर

मजदूरों की मांगों पर संजीदगी से विचार करे सरकार: रामनगर में ज्ञापन सौंपा गया।

Spread the love

मजदूरों की मांगों पर संजीदगी से विचार करे सरकार: रामनगर में ज्ञापन सौंपा गया।

 

रोशनी पांडे  – प्रधान संपादक

 

रामनगर, 8 नवंबर 2024 – रुद्रपुर (सिडकुल) स्थित डॉलफिन कंपनी के मजदूरों की पिछले 20 दिनों से जारी आमरण अनशन और प्रशासन की उदासीनता के विरोध में विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने सोमवार को रामनगर में उपजिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मजदूरों की कानूनसम्मत मांगों को तुरंत मानने और कंपनी मालिक प्रिंस धवन पर कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़ें 👉  *अपराधियों के काल बन रहे पुलिस कप्तान मंजुनाथ टीसी* *कड़ी से कड़ी जोड़कर खोली सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी* *SSP नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी की रणनीति सफल – 04 हत्यारे गिरफ्तार* *SSP का सख्त संदेश – “अपराधियों की जगह समाज में नहीं, सिर्फ जेल में है।”*

 

 

 

संगठनों ने आरोप लगाया कि डॉलफिन कंपनी के मजदूर अपनी मांगों के समर्थन में मजबूर होकर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन और श्रम विभाग उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। अनशन पर बैठे 4 महिला और 2 पुरुष मजदूरों की स्थिति अब नाजुक है। महिला मजदूरों को प्रशासन ने जबरदस्ती जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका अनशन जारी है।

यह भी पढ़ें 👉  नशे के खिलाफ सख्ती: रामनगर में दोबारा पकड़ा गया आरोपी

 

 

 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन कंपनी मालिक प्रिंस धवन के गैरकानूनी कृत्यों का समर्थन कर रहा है, जिससे पूरे सिडकुल क्षेत्र में असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई है कि:

 

  1. डॉलफिन कंपनी के मजदूरों की सभी जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए।
  2. सभी निष्कासित मजदूरों को फिर से काम पर रखा जाए।
  3. ठेकेदारी व्यवस्था से हटाकर स्थायी श्रमिकों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन दिया जाए।
  4. कंपनी मालिक प्रिंस धवन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह भी पढ़ें 👉  आपदा पीड़ितों और वंचित बच्चों के लिए पूर्व सैनिक का अनुकरणीय सहयोग

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो राज्य के सामाजिक-राजनीतिक संगठनों को सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

 

 

ज्ञापन देने वालों में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी, इंकलाबी मजदूर केंद्र के महासचिव रोहित रुहेला, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंवाल सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।