लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव सख्त, अफसरों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव सख्त, अफसरों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

 

रोशनी पांडे – प्रधान संपादक

 

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद स्तर से शासन स्तर तक लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनहित एवं विकास से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जनपदों की आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्य सचिव ने सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से लंबे समय से बिना सूचना अथवा अनुमति के अनुपस्थित चल रहे चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

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उन्होंने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं से विभागीय सचिवों को अवगत कराने के निर्देश दिए, ताकि नीतिगत स्तर पर उनका समाधान किया जा सके।

ई-ऑफिस को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे फाइलों के प्रचालन में तेजी आएगी और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने अथवा आवश्यकता के अनुसार पद सृजित करने, भूमि हस्तांतरण, विभागीय परियोजनाओं की स्वीकृति, बजट उपलब्धता तथा चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

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नेटवर्क और शिक्षा व्यवस्था पर भी दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने डिस्ट्रिक्ट टेलीकॉम कमेटी की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने तथा जनपदों में नेटवर्क संबंधी समस्याओं को डीडीजी टेलीकॉम एवं सचिव आईटी के संज्ञान में लाकर उनका त्वरित समाधान कराने को कहा।

वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) एवं खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अगले 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विधवा महिलाओं की बेटियों के विवाह के लिए दी जाने वाली सहायता राशि की कट-ऑफ तिथि से जुड़ी समस्या भी उठाई गई। जनपदों ने बताया कि फरवरी में निर्धारित कट-ऑफ तिथि के कारण मार्च में होने वाले विवाहों के पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में कट-ऑफ तिथि संबंधी प्रावधान को हटाने की मांग रखी गई।

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बैठक के दौरान जनपदों द्वारा उठाई गई विभिन्न समस्याओं एवं लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव ने मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रविनाथ रमन, डॉ. वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन एवं राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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