बाघ के हमले से बाइक सवार बाल बाल बचे।

रोशनी पाण्डेय – सम्पादक

गदरपुर निवासी किसन लाल ने सुनाई आप बीती रामनगर। एक बार फिर बाघ के हमले से बाइक सवार बाल बाल बच गए अन्यथा फिर कोई बड़ा हादसा होने में देर नही लगती। यह घटना धनगढ़ी के पास बन रहे पुल के पास की बताई जा रही है। जब शनिवार की रात बाइक पर सवार यूवको पर हमले की कोशिश की लेकिन वह बाल बच गए। बता दे कि इससे पहले 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद निवासी अफसारूल नाम के युवक को अल्मोड़ा-नैनीताल जिले की सीमा पर पर स्थित मोहान इंटर कॉलेज के पास एक बाघ नेशनल हाइवे पर ही उनकी बाइक पर हमला करके जंगल में उस समय उठा ले गया था जब वह अपने अनस नामक दोस्त के साथ नैनीताल, अल्मोड़ा घूमने के बाद बाइक से इस क्षेत्र से गुजर रहा था।

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बाद में उसके शरीर का कुछ ही अंश मिला था। जानकारी मिली है कि गदर पुर निवासी किसन लाल मार्केटिंग का काम निपटाकर अपने सहयोगी मुकेश के साथ भतरोज खान से गदरपुर को बाइक से लौट रहे थे। बाइक को रामनगर निवासी मुकेश चंद्रा चला रहा था जब कि बाइक के पीछे किसन लाल गदरपुर बैठे थे।

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रात यही कोई साढ़े आठ बजे धनगढ़ी के पास बन रहे पुल के किनारे से बाघ ने अचानक बाइक के पीछे बैठे सवार की पीठ पर पंजा मारा मगर यह गनीमत रही कि किसन लाल की पीठ पर बैग लदा था। पंजा लगने से बैग फट गया। मगर किशन लाल बच गए। इसी बीच बाइक गिर पड़ी। किसन ने बताया कि उन्होंने बाइक से उठकर देखा कि लगभग दस फुट की दूरी पर बाघ उनको खड़ा होकर देख रहा है।

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मरता क्या न करता हाथ मे पत्थर उठाकर वह तेजी से भागे मगर बाघ अपनी जगह पर ही खड़ा रहा। तभी बाइक आगे ले जा चुके मुकेश ने बाइक रोकी फिर बाइक से दोनों रामनगर आ गए। जहाँ से मुकेश अपने घर चला गया और मै बस में बैठकर गदरपुर आ गया। बताया कि हम लोग इतने घबराए थे कि रास्ते मे पुलिस चौकी को भी नही बता पाए।

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