मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सख्त, तीन दिन में नाबार्ड पोर्टल पर अपलोड हों सभी परियोजनाएं
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत अधिक से अधिक परियोजनाएं शामिल की जाएं। उन्होंने सभी विभागों को अगले तीन दिनों के भीतर अपने प्रस्ताव नाबार्ड पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि गतिमान परियोजनाओं की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव भी शीघ्र अपलोड किए जाएं, ताकि समय पर धनराशि जारी हो सके। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए विभागीय सचिवों को साप्ताहिक समीक्षा कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कृषि और उद्यान क्षेत्र के लिए क्लस्टर आधारित बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने पर जोर दिया, ताकि कोल्ड चेन, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाएं एकीकृत रूप से विकसित की जा सकें। साथ ही नाबार्ड से तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस देने का भी अनुरोध किया, जिस पर नाबार्ड ने जल्द विशेषज्ञ टीम तैनात करने का भरोसा दिया।
मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग को पॉलीहाउस परियोजना की नियमित निगरानी और शीघ्र पूर्ण कराने तथा पशुपालन विभाग को सभी जनपदों में बड़े पशु चिकित्सालय स्थापित कर दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के प्रमाण-पत्र और रिपोर्ट भी तत्काल नाबार्ड को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 271 करोड़ रुपये के प्रस्ताव नाबार्ड को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 210 करोड़ रुपये की डीपीआर भी नाबार्ड को उपलब्ध करा दी गई है।





