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श्रमिकों का हक मारना पड़ेगा भारी! प्रमुख सचिव ने दिए कड़े निर्देश

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श्रमिकों का हक मारना पड़ेगा भारी! प्रमुख सचिव ने दिए कड़े निर्देश

 

रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक

श्रमिक हितों के संरक्षण एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के निर्देश
प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उद्योग प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस एवं अन्य सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

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प्रमुख सचिव ने आयुक्त उद्योग, आयुक्त श्रम एवं सभी उद्योगों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन सहित सभी वैधानिक सुविधाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि सभी उद्योग संस्थान श्रम कानूनों के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें तथा औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए श्रमिकों से नियमित संवाद स्थापित कर उन्हें विश्वास में लेकर कार्य करें।

 

 

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनः व्यापक स्क्रीनिंग कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी श्रमिकों को मानक के अनुरूप वेतन एवं सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। साथ ही इस संबंध में यदि कोई बाहरी व्यक्ति भ्रम अथवा दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास करते हैं तो वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में आयुक्त उद्योग एवं श्रम विभाग सहित औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए अपना पक्ष प्रस्तुत किया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप न्यूनतम वेतन एवं अन्य सुविधाएं श्रमिकों को प्रदान की जा रही हैं।
प्रमुख सचिव श्री सुधांशु ने कहा कि राज्य सरकार एवं श्रम विभाग श्रमिक भाइयों की समस्याओं के प्रति पूर्णतः संवेदनशील हैं तथा उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू adanki, आयुक्त उद्योग सौरव गहरवार, आयुक्त श्रम विभाग पी.सी. दुम्का सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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