खैर के जंगल में तस्करों का खेल! AI कैमरों ने खोला राज, दो दबोचे; तीन फरार
रोशनी पांडे प्रधान सम्पादक
कोटद्वार। कालागढ़ टाइगर रिजर्व में कीमती खैर की लकड़ी पर तस्करों की आरी चल रही थी, लेकिन जंगल में लगे AI कैमरों ने तस्करों का पूरा खेल पकड़ लिया। कैमरे में पांच लोग खैर का हरा पेड़ काटते दिखाई दिए तो वन विभाग की टीम ने रात में ही घेराबंदी कर दी।
तीन अक्टूबर की रात सोनानदी रेंज की कालागढ़ पश्चिमी बीट में वन आरक्षी दिनेश सिंह गुसाईं के नेतृत्व में टीम गश्त पर थी। AI कैमरों से मिली सूचना के बाद टीम नलकट्टा कक्ष संख्या सात में कंडी सीमा के पास पहुंची। यहां तस्कर खैर के हरे पेड़ को काट रहे थे।
वनकर्मियों ने मौके पर घेराबंदी कर मडैया हट्टू, बाजपुर निवासी दलजीत सिंह और अजय को दबोच लिया, जबकि विशाल निवासी रामपुर काजी, केलाखेड़ा, बाजपुर, अंग्रेज सिंह और सन्नी सिंह निवासी खदरी, बढ़ापुर, बिजनौर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मौके से आरा, कुल्हाड़ी, 12 बोर के दो कारतूस और एक कार बरामद कर जब्त की गई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
फरार तस्करों की तलाश में दबिश
वन विभाग ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार तीन आरोपियों की तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
उप वन संरक्षक तरुण एस. ने कहा कि वन क्षेत्रों में AI और IP कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कंडी सीमा से लगे जंगलों में गश्त और निगरानी और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
खैर की लकड़ी पर तस्करों की नजर थी, लेकिन इस बार जंगल की आंख यानी AI कैमरों ने उनका राज खोल दिया।






