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पहले चरण में अग्रिम चौकी माणा एवं मलारी के लिए रवाना की गई पोल्ट्री उत्पादों की खेप

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  • पहले चरण में अग्रिम चौकी माणा एवं मलारी के लिए रवाना की गई पोल्ट्री उत्पादों की खेप

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

  • सीडीओ डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने झंडी दिखाकर आपूर्ति वाहनों को किया रवाना

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश के काश्तकारों एक किसानों की आजीविक सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। भारतीय सेना अब पशुपालन विभाग के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय किसानों से पोल्ट्री उत्पादों की खरीद करेगी। सोमवार को जनपद चमोली में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों माणा एवं मलारी के लिए आपूर्ति की पहली खेप रवाना की गई। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी  डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने झंडी दिखाकर आपूर्ति वाहनो को रवाना किया।

यह भी पढ़ें 👉  भारत विकास परिषद द्वारा विगत दिनों सम्पन्न कराये गए कार्यक्रमों गुरु वंदन छात्र अभिनंदन एवं भारत को जानो प्रतियोगिता कराई गई थी। विद्यालय के मीडिया प्रभारी हेम चन्द्र पाण्डे ने जानकारी दी कि, भारत विकास परिषद की ओर से गुरु वंदन छात्र अभिनंदन में दो अध्यापकों रसायन विज्ञान प्रवक्ता राजीव कुमार शर्मा तथा अंग्रेजी प्रवक्ता चेतन स्वरूप जी को सम्मानित किया गया एवं छात्रों में चेतन गोस्वामी तथा प्रशस्ति करगेती को सम्मानित किया गया। जबकि भारत को जानो प्रतियोगिता में विद्यालय स्तर पर सीनियर वर्ग में चेतन गोस्वामी, यशस्वी फुलेरिया एवं नमन अधिकारी तथा जूनियर वर्ग में सारा कुरैशी, मौ0 फरहान एवं अंश को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा, चारु चन्द्र तिवारी, गौरव शर्मा, के0 के0 फुलेरा, नेहा गुप्ता, एवं भारत विकास परिषद के अंशुल अग्रवाल, अखिल मित्तल, गौरव अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
पशुपालन विभाग की इस पहल के तहत उत्तराखण्ड में सेना की अग्रिम चौकियों पर स्थानीय स्तर पर उत्पादित भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है।
जोशीमठ से रवाना की गई प्रथम खेप में भारतीय सेना की माणा पोस्ट व मलारी पोस्ट को पोल्ट्री की आपूर्ति की गई ,जो स्थानीय पशुपालक श्री गुलशन सिंह राणा एवं श्री सौरभ नेगी द्वारा उपलब्ध करायी गई।
इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही एक सुदृढ़ बाजार व्यवस्था प्रदान करना है। इसके माध्यम से उनके उत्पादों का सही मूल्य एवं नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

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गौरतलब है कि पशुपालन विभाग द्वारा आईटीबीपी के साथ पूर्व में एमओयू किया गया था। जिसके परिणामस्वरूप, पशुपालकों को स्थानीय बाजार उपलब्ध हुआ है। ं इसी प्रकार सेना को जीवित भेड़ ,बकरी एवं कुक्कुट की आपूर्ति के नये बाजार की संभावना से वाईब्रेंट ग्रामों के पशुपालकों को अतिरिक्त आमदनी का साधन प्राप्त होगा और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित हुई है। यह पहल वाइब्रेंट गांवों से पलायन की समस्या को समाप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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इस अवसर पर मुख्य  विकास अधिकारी  डॉ अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी  डॉ अशीम देब व उप मुख्य  पशुचिकित्सा अधिकारी एवं जनपद चमोली के परियोजना समन्वयक डॉ पुनीत भट्ट की उपस्थित रहे।
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चमोली जनपद से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पहल जिसमें भारतीय सेना को स्थानीय किसानों और पशुपालकों द्वारा भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है-आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक मजबूत कदम है। हमारे सीमावर्ती गांवों के पशुपालकों को एक स्थायी और सुनिश्चित बाजार मिलेगा। यह पहल वाइब्रेंट विलेज योजना को नई दिशा देने के साथ-साथ गांवों से हो रहे पलायन को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगी।