करणी सेना ने IMPCL निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा, सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

 

करणी सेना ने IMPCL निजीकरण के खिलाफ खोला मोर्चा, सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

रोशनी पांडे प्रधान संपादक 

 

आज मोहानIMPCL आयुर्वेदिक कंपनी को करणी सेना उत्तराखंड और अखिल ब्रह्मण उत्थान महासभा उत्तराखण्ड ने सामूहिक समर्थन दिया.

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आयुष मंत्रालय के अधीन देश के एकमात्र आयुर्वैदिक एंड युनानी संस्थान आईएमपीसीएल को DIPAM के द्वारा बहुत ही कम कीमतों पर सिर्फ 121 करोड़ में स्काईमेप फार्मा को बेच दिया गया है ट्रेड यूनियन आईएमपीसीएल कर्मचारी संघ की मांग पर निगम ने इसकी नवीनतम वैल्यूएशन कराई जाएं वह 191 करोड़ पाई गई। सीधे-सीधे भारत सरकार के राजस्व में 70 करोड रुपए का नुकसान हुआ है।

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बल्कि करणी सेना उत्तराखंड चाहती है तत्काल प्रभाव से निजीकरण को रोक लगाई जाएं और निगम बिकेगा तो कर्मचारी हितों का क्या होगा,रोजगार का क्या होगा,पलायन कैसे रुकेगा, निजीकरण निरस्त कर वैल्यूएशन एवं दीपम के अधिकारियों की गहन जांच की मांग करता है जिससे कि भारत सरकार की संपत्तियों के नुकसान को बचाया जा सके

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