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पहाड़ की विरासत संग विकास की नई पहचान, बागेश्वर में बनेगा ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह

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पहाड़ की विरासत संग विकास की नई पहचान, बागेश्वर में बनेगा ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

बागेश्वर। उत्तराखंड सरकार ने सीमांत जनपदों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बागेश्वर में अत्याधुनिक ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों के तहत प्रस्तावित इस परियोजना पर सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण कार्य की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर मंथन हुआ।

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ग्राम टेलापालन, तहसील बागेश्वर में लगभग 45 नाली भूमि पर बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह पर करीब 17.52 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना की खास बात यह होगी कि भवन को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के मिश्रण के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार चाहती है कि यह परिसर केवल सरकारी मेहमानों के ठहरने का स्थान न होकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन आकर्षण का भी प्रतीक बने।

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बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पर्यावरण के अनुकूल, आकर्षक और स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे और बागेश्वर का यह अतिथि गृह उसी सोच का उदाहरण बनेगा।

परियोजना के तहत अलग-अलग भवनों की जगह एकीकृत भवन मॉडल पर जोर दिया गया है, जिसमें अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे रखरखाव आसान होगा और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, वहीं पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का दावा है कि यह आधुनिक सुविधा भविष्य में सरकारी बैठकों, कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगी।