उत्तराखंड क्राइम रामनगर

#भण्डारपानी गेट पर सियासी दबाव का आरोप! नेचर गाइडों ने वन विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा। #गाइडों का दावा—राजनैतिक दबाव में बदले गए नियम, स्थानीय युवाओं की रोजी-रोटी पर संकट।

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#भण्डारपानी गेट पर सियासी दबाव का आरोप! नेचर गाइडों ने वन विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा।

#गाइडों का दावा—राजनैतिक दबाव में बदले गए नियम, स्थानीय युवाओं की रोजी-रोटी पर संकट।

#राजनैतिक हस्तक्षेप से रोजगार पर संकट, वन विभाग के खिलाफ गाइडों का हल्ला बोल।

 

रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक

#रामनगर। सीतावनी के भण्डारपानी गेट पर मंगलवार को नेचर गाइडों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सीतावनी नेचर गाइड एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित सांकेतिक प्रदर्शन में गाइडों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनैतिक दलों और प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियमों में बदलाव किया गया, जिससे स्थानीय नेचर गाइडों के रोजगार पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।

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प्रदर्शनकारी गाइडों का कहना है कि वर्षों से भण्डारपानी गेट पर कार्य कर रहे स्थानीय युवाओं की अनदेखी करते हुए दूसरे गेटों के नेचर गाइडों को यहां तैनात किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह निर्णय स्थापित प्रक्रिया और स्थानीय हितों की अनदेखी करते हुए राजनीतिक दबाव में लिया गया।

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गाइडों ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले भी उप प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर, प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर और वन क्षेत्राधिकारी कोटा रेंज को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नेचर गाइडों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर स्थानीय गाइडों के हितों की रक्षा नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

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जंगल सफारी के लिए पहुंचे कई पर्यटकों ने भी गाइडों की मांग को उचित बताते हुए वन विभाग से पारदर्शी और न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की।

 

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पर्यटकों को असुविधा पहुंचाना नहीं है। इसी कारण प्रदर्शन सीमित समय तक रखा गया और जंगल सफारी संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।