उधम सिंह नगर उत्तराखंड क्राइम

मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा नशे का कारोबार उजागर, कुमाऊँ SOTF की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप।

Spread the love

मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा नशे का कारोबार उजागर, कुमाऊँ SOTF की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

किच्छा (ऊधमसिंहनगर)।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” विज़न को धरातल पर उतारने की दिशा में कुमाऊँ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुमाऊँ पुलिस की एस.ओ.टी.एफ. टीम एवं औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मेडिकल स्टोर की आड़ में संचालित अवैध नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़ किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में फिर बिखरी लापरवाही! छोई रोड बना ‘मौत का ट्रैप’, दो युवकों की दर्दनाक मौत 🚨

पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल एवं स्वास्थ्य सचिव के निर्देशन में नशे के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 जनवरी 2026 की सायं थाना किच्छा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बड़िया रोड स्थित “संतोष मेडिकल स्टोर” पर चेकिंग की गई।
चेकिंग के दौरान मेडिकल स्टोर के अंदर बने रैकों से 270 पत्ते (कुल 2160 कैप्सूल) संदिग्ध व प्रतिबंधित दवाइयाँ बरामद की गईं।

मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम संतोष कुमार पुत्र हेमराज, निवासी छिनकी दरऊ, किच्छा, जिला ऊधमसिंहनगर, उम्र 26 वर्ष बताया। आरोपी के विरुद्ध कोतवाली किच्छा में NDPS Act 1985 की धारा 08/22 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  स्मैक तस्करों पर सख्ती: कुमाऊँ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी फिर चढ़ा हत्थे

इस संयुक्त कार्रवाई में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला, प्रभारी एस.ओ.टी.एफ. कुमाऊँ परिक्षेत्र सहित किच्छा कोतवाली पुलिस की टीम शामिल रही, जिसमें उपनिरीक्षक दीपक जोशी एवं हेड कांस्टेबल कुलदीप का विशेष योगदान रहा।

पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि नशे के अवैध कारोबार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। मेडिकल स्टोर या किसी भी वैध व्यवसाय की आड़ में नशीली दवाओं का व्यापार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  *कैंची धाम पहुंचे गायक विशाल मिश्रा — बाबा के दर्शन कर हुए भाव-विभोर, CM धामी व उत्तराखंड पुलिस की सराहना*

कुमाऊँ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के लिए कड़ी चेतावनी है, बल्कि समाज और युवाओं को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम भी है।