कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज अंतर्गत ग्राम सावलदे पश्चिम में सोलर लाइट्स का वितरण*
रोशनी पाण्डेय प्रधान संपादक
*कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज अंतर्गत ग्राम चावलदे पश्चिम में सोलर लाइट्स का वितरण*
*मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकने हेतु निरंतर प्रयास*
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज अंतर्गत ग्राम सावल्दे पश्चिम में दिनांक 2 जनवरी 2026 को जंगल में लकड़ी बीनने गई एक महिला पर बाघ द्वारा हमला किए जाने की घटना घटित हुई थी, जिसमें महिला की मृत्यु हो गई। यह घटना अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण रही।
घटना के बाद ग्रामवासियों द्वारा मांग रखी गई कि ग्राम की जंगल से सटी सीमा पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे रात्रि के समय वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके एवं ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
ग्रामीणों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा डॉ साकेत बडोला, निदेशक महोदय के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई।
इसी क्रम में ग्राम सावल्दे पश्चिम की इको विकास समिति के अध्यक्ष श्री अंकित बेलवाल एवं ग्राम प्रधान श्री धरम सिंह को सोलर लाइट्स वितरित की गईं, जिन्हें ग्राम की जंगल से लगती सीमा पर स्थापित कर दिया गया है। इन सोलर लाइट्स के स्थापित होने से रात्रि के समय क्षेत्र में पर्याप्त उजाला रहेगा, जिससे किसी भी हिंसक वन्यजीव जैसे बाघ या तेंदुए की उपस्थिति की जानकारी ग्रामीणों को शीघ्र प्राप्त हो सकेगी। साथ ही प्रकाश व्यवस्था होने से जंगली जानवरों के गांव की ओर आने की संभावना भी काफी हद तक कम होगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम हाथी डँगर सहित कालागढ़ क्षेत्र के अन्य ग्रामों में निरंतर बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों से जंगल में न जाने की अपील की जा रही है।
उक्त घटना में संलिप्त बाघ को पकड़ने एवं सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने हेतु मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक महोदय से अनुमति उपरांत वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व श्री दुष्यंत शर्मा के नेतृत्व में बाघ को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन आमजन से पुनः अपील करता है कि वे अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करें, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
-कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व






