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हल्द्वानी में जिलाधिकारी वंदना सिंह का स्थलीय निरीक्षण: आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों पर जोर

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हल्द्वानी में जिलाधिकारी वंदना सिंह का स्थलीय निरीक्षण: आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों पर जोर

रोशनी पाण्डेयप्रधान संपादक

हल्द्वानी में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने पिछले आपदा में बरसात के कारण हुए नुकसान वाले स्थान पर आपदा से बचाव हेतु किए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। कलसिया और रक्सिया नाले से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करने के लिए आपदा मद से किया जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मानसून से पहले कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

 

 

जिलाधिकारी वंदना ने शनिवार को प्रेमपुर लोशज्ञानी रकसिया नाले पर हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि रकसिया नाले के फैलाव के कारण लोगों को वर्षाकाल में जलभराव से काफी परेशानी होती थी। इस फैलाव को रोकने हेतु उत्तराखण्ड अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (एडीबी) की वित्तपोषित योजना के तहत रसकिया नाले को 30 करोड की लागत से चैनेलाईज किया जा रहा है। इसकी लम्बाई कुल 1500 मीटर है वर्तमान में तीन स्थानों पर कार्य किया जा रहा है। रकसिया नाले को 3 से 4 मीटर भूमिगत कर नाले के ऊपर सडक मार्ग का निर्माण किया जायेगा। जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट मैनेजर एडीबी कुलदीप सिंह को निर्देश दिये कि वर्करों की संख्या को बढाया जाए ताकि कार्य शीघ्र पूर्ण कर लोगों को जलभराव से निजात मिल सके।

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जिलाधिकारी द्वारा विगत दिनों प्री मानसून से पूर्व नगर निगम एवं सिंचाई विभाग को नालों की सफाई के लिए आदेशित किया था। जिलाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर निगम ने सफ़ाई हेतु आवंटित क्षेत्र 4200 मीटर तथा सिंचाई विभाग ने कुछ स्थानों पर नाले की सफाई पूर्ण नही की है जिसपर जिलाधिकारी ने नगर निगम और सिंचाई विभाग को तीन दिन के भीतर मशीन और मैनपावर बढ़ाते हुए नालों और नहर की सफाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसीलदार हल्द्वानी को निर्देश दिये कि तीन दिन के भीतर सफ़ाई कार्य की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

 

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के समस्त नगरीय क्षेत्रों में मानसून से पूर्व वर्षा, अतिवृष्टि होने से नगरीय क्षेत्रों में नाले, नालियों, नहरो में कूडा-कचरा व सिलट की सफाई नही किये जाने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों से अपने-अपने क्षेत्रों के नाले एवं नहरों की सफाई की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को स्थानीय लोगों ने बताया कि पनचक्की चौराहे के निकट वर्षाकाल मे जलभराव होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिस संबंध में राजस्व,सिचाई, वन और नगर निगम की संयुक्त समिति गठित करते निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि इन विभागों द्वारा देखा जाए कि किन कारणों से क्षेत्र में जलभराव होता है जिससे नाले को चैनेलाईज कर जलभराव की समस्या का समाधान हो सके।
इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा देवखडी नाले में 13 लाख की धनराशि से वन विभाग द्वारा आपदा मद के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया गया। देवखडी नाले पर 08 मीटर के 7 वायरक्रेट, 10700 सीमेंट के बैग रखे जाने है तथा देवखडी नाले की सफाई भी की जानी है।

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इसके पश्चात डीएम ने हल्द्वानी शहर के 13 चौराहे के चौड़ीकरण को लेकर भी अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि को एक सप्ताह के भीतर नरीमन चौराहे और लालडांट चौराहे के कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। विदित है कि पंचायत और पनचक्की चौराहे पर चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा इन क्षेत्रों में आवाजाही में भी आसान हो गई है। डीएम ने नगर निगम , राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए है की जिन चौराहों पर कार्य पूर्ण हो गया है वहां किसी भी दशा में अतिक्रमण नहीं लगना चाहिए। कहा की निगम का दायित्व है कि वह शहरी सड़कों के आसपास नो हॉकर जोन निर्धारित करें जिससे शहर अनावश्यक ट्रैफिक के साथ ही अतिक्रमण से मुक्त रहे।

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मंगल पड़ाव में जिलाधिकारी के पहुंचते ही चौड़ीकरण के जद में आ रहे दुकानस्वामियो ने अपनी समस्या रखी। प्रभावितो का कहना था कि सड़क चौड़ीकरण से उनके यहां जगह कम होने से ग्राहकों पर प्रभाव पड़ेगा। साथ ही पार्किंग की समस्या भी रहेगी। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि 12 मीटर तक सड़क चौड़ी प्रस्तावित है। प्रभावित दुकानदारों के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी प्रस्तावित है जब तक कॉम्प्लेक्स का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक आंशिक रूप से प्रभावित दुकानदारों के लिए अस्थाई तौर पर वैकल्पिक स्थान में टीन शेड तैयार किया जाएगा जिसके लिए ईई लोनिवि को निर्देशित किया। इसके साथ ही सभी को चौड़ीकरण का प्लान शेयर किया जाएगा जिससे सबको जानकारी रहे ।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त विशाल मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट ए पी बाजपेई, अपर निदेशक प्रशिक्षण ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी पारितोष वर्मा, अधिशासी अभियंता अशोक कुमार चौधरी, तहसीलदार सचिन कुमार के साथ ही सिंचाई, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।