गुलदार ने 13 बकरियों को बनाया अपना निवाला, पीड़ितो की ने सरकार से मुआवजे की मांग।

गुलदार ने 13 बकरियों को बनाया अपना निवाला, पीड़ितो की ने सरकार से मुआवजे की मांग।

 

रोशनी पाण्डेय – प्रधान सम्पादक

उत्तराखंड में लगातार हो रहे गुलदारों का आतंक तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। लाहुर घाटी में भी एक घटना सामने आई है। जिस मैं गुलदार ने एक ग्रामीण की 13 बकरियों को अपना मुंह का निवाला बना लिया। ग्रामीणों ने प्रभावित को सरकार से मुआवजा देने की मांग रखी है। लाहुर घाटी में गुलदार का आतंक बहुत तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। लमचूला निवासी भवान राम पुत्र खीम राम बकरी पालन कर अपना जीवन व्यतीत कर चलाता है।

 

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जानकारी के अनुसार लमचूला के जंगल में उसकी बकरियां चरने के लिए गई थी। बकरियों को चरता देख वहा घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर 13 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से भवान राम की आजीविका प्रभावित हो गई है। वह बकरी पालन कर के ही अपने परिवार को चलाता है। अब उसके और उसके परिवार के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।

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काफी लंबे समय से देखने को मिल रहा है। गुलदार का आतंक लमचूला के पूर्व ग्राम प्रधान मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि काफी लंबे समय से ही लाहुर घाटी में गुलदार का आतंक बना हुआ है। जिसे ग्रामीण दहशत में है।उन्होंने बताया कि वन विभाग से गुलदार के आतंक से निजात दिलाए जाने की शिकयत भी की है। मगर वन विभाग अभी तक चुप्पी सादे बैठा है।जिसका खामियाजा गरीब पशुपालक को उठाना पड़ा है।

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मदन सिंह बिष्ट ने वन विभाग से प्रभावित को मुआवजा देने के साथ पिंजड़ा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी ने कहा कि संबंधित आरओ को जांच के आदेश दिए गए हैं।ताकि जल्दी से जल्दी गुलदार के इस आतंक को रोका जा सके।

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