कैंचीधाम क्षेत्र में खाद्य विभाग की छापेमारी, 12 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे; एक प्रतिष्ठान को नोटिस
रोशनी पांडे प्रधान सम्पादक
नैनीताल। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड और जिलाधिकारी के निर्देश पर कैंचीधाम क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया।
संयुक्त टीम ने खीनापानी, सुयालबाड़ी, काकड़ीघाट, छड़ा, खैरना, गरमपानी और कैंचीधाम क्षेत्र में मिठाई की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट और किराना प्रतिष्ठानों सहित एक दर्जन से अधिक खाद्य विक्रेताओं के यहां जांच की। इस दौरान गुणवत्ता पर संदेह होने पर सोनपापड़ी, शहद, बाल मिठाई, खोया, गुलाब जामुन और सरसों के तेल के छह नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
वहीं, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया है। 15 दिन के भीतर अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत एफएसएस एक्ट 2006 की धारा 55 में दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने दुकानदारों को कालातीत खाद्य सामग्री के लिए अलग ड्रॉप बॉक्स रखने के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह ने भीमताल और भवाली में 10 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां से पेठा, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, बताशा और बेसन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के छह नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खाद्य सामग्री नहीं खरीदने, स्टॉक का विवरण रखने तथा खराब और कालातीत सामग्री का भंडारण व बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों और स्टोर में नियमित साफ-सफाई तथा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने को भी कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आमजन से भी अपील की गई है कि कहीं मिलावट की आशंका होने पर विभाग को सूचना दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग आमजन और खाद्य कारोबारियों को लगातार जागरूक कर रहा है। उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों में मिलावट नहीं करने, पैक्ड सामग्री पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और बैच नंबर अंकित रखने, रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, बिल-कैश मेमो देने और FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र दुकान में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खराब और कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, शिकायत या नमूना फेल होने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ एफएसएस एक्ट 2006 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर अजब सिंह रावत, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान, वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह, राजस्व उपनिरीक्षक खैरना मौ. शकील सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
रोशनी दर्पण न्यूज़ | नैनीताल
