एआई से डरें नहीं, इसे सफलता का साथी बनाएं विद्यार्थी: पीएनजी कॉलेज में विशेषज्ञों ने दिया करियर मंत्र
कौशल विकास, तकनीकी दक्षता और सही लक्ष्य निर्धारण को बताया सफलता का आधार
- रोशनी दर्पण न्यूज़
तकनीकी विकास के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और करियर के नए अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर में विशेष अतिथि व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, काशीपुर के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एआई के प्रभावी उपयोग, करियर निर्माण और स्वरोजगार की संभावनाओं पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे. एम.सी. पांडे ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता समझते हुए स्वयं को बदलते समय के अनुरूप तैयार करना चाहिए। तकनीक का सकारात्मक और विवेकपूर्ण उपयोग शिक्षा, शोध और करियर को नई दिशा प्रदान कर सकता है। प्रथम सत्र में श्रीराम इंस्टीट्यूट के कंप्यूटर साइंस विभाग के पंकज तिवारी ने ‘भविष्य की तैयारी: एआई आपका साथी है, आपका रिप्लेसमेंट (प्रतिस्थापन) नहीं’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एआई से भयभीत होने के बजाय इसे अपनी पढ़ाई, शोध और करियर का सहयोगी बनाना चाहिए। एआई का सही उपयोग ज्ञान और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, लेकिन मानवीय विवेक, रचनात्मकता और मौलिक चिंतन का विकल्प नहीं हो सकता। द्वितीय सत्र में संस्थान के वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. शोभित त्रिपाठी ने ‘योर फ्यूचर, योर वे(आपका भविष्य, आपकी राह) विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। बदलते दौर में रोजगार के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हैं। निरंतर सीखने, कौशल विकास और सही दिशा में प्रयास करने से सफलता की राह आसान हो सकती है।
कार्यक्रम में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. शलभ गुप्ता एवं डॉ. महेंद्र पाल सिंह परमार सहित बीए, बीएससी, एमए और एमएससी के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने व्याख्यान को ज्ञानवर्धक और भविष्य के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की दिशा तय करने का संदेश दिया।
