चमोली उत्तराखंड क्राइम

चमोली, उत्तराखंड में बारिश के चलते नदियों का उफान, बाढ़ के आशंका से कई इलाकों में हालात बिगड़े।

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चमोली, उत्तराखंड में बारिश के चलते नदियों का उफान, बाढ़ के आशंका से कई इलाकों में हालात बिगड़े।

रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक

चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जनपद में रविवार रात से शुरू हुई भारी बारिश ने जनपद के कई इलाकों में बाढ़ का संकेत दिया है। थराली, नंदानगर, और पीपलकोटी क्षेत्रों में नदियों के उफान पर गाड़ गदेरे बह रहे हैं, जिससे कई गांवों में नुकसान हो रहा है। थराली गांव और केरा गांव में कई मकान और गौशालाएं मलबे में दब गई हैं। छोटे पुलों में भी कई जगहों पर नुकसान हो गया है।

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पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, जिसके कारण कई लोग अपने घरों से बाहर जाकर सुरक्षित स्थान पर रुके हैं। चमोली पुलिस ने लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है, विशेष रूप से थराली, नारायणबगड़, कर्णप्रयाग, और उससे नीचे के क्षेत्रों में बसे लोगों को। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर करीब पर है, जिससे कर्णप्रयाग में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है। इसके अलावा, प्राणमति नदी और नंदाकिनी नदी भी खतरनाक स्तर पर बह रही हैं, जिससे नंदानगर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति है।

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पीपलकोटी में नगर पंचायत का कार्यालय और कुछ आवासीय मकान मलबे में दब गए हैं, और कई वाहन भी मलबे में फंस गए हैं। गडोरा गांव में एक आवासीय भवन के भू-कटाव के कारण मकान खतरे में हैं, लेकिन स्थानीय प्राधिकृत अधिकारियों ने परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। इसके साथ ही, बदरीनाथ हाईवे पर मलबे और बोल्डर आने से कई जगहों पर आवरुद्ध हो गया है, जिससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री भी प्रभावित हो रहे हैं।

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