मीडिया और बच्चों की भागीदारी से कॉर्बेट में वन्यजीव सप्ताह ने पकड़ी रफ्तार, स्वच्छता से सह-अस्तित्व तक चला जागरूकता अभियान
कॉर्बेट में वन्यजीव सप्ताह का महासंगम, स्वच्छता से लेकर संरक्षण तक गूंजा संदेश
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
रामनगर/कालागढ़, 5 अक्टूबर 2026। वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में सोमवार को स्वच्छता, जागरूकता, शिक्षा और खेल गतिविधियों का आयोजन कर वन्यजीव संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। दिनभर चले कार्यक्रमों में वन विभाग के कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, प्रशिक्षु वन आरक्षियों, स्थानीय नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कालागढ़ रेंज के रामगंगा कैचमेंट क्षेत्र में हाथी कैंप से स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई। वन विभाग के स्टाफ, कॉर्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु वन आरक्षियों और स्थानीय लोगों ने रामगंगा नदी एवं आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक सहित अन्य कचरा एकत्र किया। इस दौरान प्राकृतिक जलस्रोतों और वन्यजीवों के आवास को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया।
बच्चों को कराया कॉर्बेट की जैव विविधता से रूबरू
राजकीय इंटर कॉलेज ढिकुली और राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदरखाल के विद्यार्थियों को धनगढ़ी इंटरप्रिटेशन सेंटर का भ्रमण कराया गया। बच्चों को कॉर्बेट की जैव विविधता और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों की जानकारी दी गई। वहीं टाइगर सेल में आयोजित विशेष भ्रमण के दौरान वन आरक्षी प्रेमा तिवारी ने विद्यार्थियों को बाघ संरक्षण, आवास प्रबंधन और आधुनिक तकनीक से वन्यजीवों की निगरानी के बारे में जानकारी दी।
कठपुतली कार्यक्रम से दिया वन संरक्षण का संदेश
कालागढ़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में कठपुतली कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि की रोकथाम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार का संदेश दिया गया।
प्रश्नोत्तरी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह
वन परिसर रामनगर में मीडिया प्रतिनिधियों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। जूनियर और सीनियर वर्ग के बच्चों ने इसमें उत्साह से हिस्सा लिया। वहीं कालागढ़ खेल मैदान में वन आरक्षियों, दैनिक श्रमिकों और प्रशिक्षुओं के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल प्रतियोगिता हुई।
इसके अलावा वन विश्राम भवन में बच्चों को वन्यजीवों के व्यवहार और जीवन चक्र पर आधारित फिल्में दिखाई जा रही हैं। बाघ रक्षक विद्यालय ढिकुली और कालागढ़ में जैव विविधता तथा हाथियों के महत्व पर व्याख्यान भी आयोजित किए गए।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व, स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजरानी बिन्दर पाल, वन क्षेत्राधिकारी बिजरानी नवीन चन्द्र पाण्डे, वन क्षेत्राधिकारी पर्यटन संजय कुमार पाण्डे, वन क्षेत्राधिकारी कालागढ़ नन्दकिशोर रुवाली, ललित मोहन जोशी सहित वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।






