उत्तराखंड उधम सिंह नगर जरा हटके

प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासीय परिसर की क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत की मांग

Spread the love

प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासीय परिसर की क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत की मांग

 

रोशनी पाण्डेय – प्रधान  संपादक

 

काशीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गंगापुर गोसाईं, काशीपुर स्थित आवासीय परिसर में क्षतिग्रस्त एवं खुदी हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत, समतलीकरण एवं पुनर्स्थापना की मांग को लेकर लाभार्थियों ने उप जिलाधिकारी, काशीपुर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में बताया गया कि उक्त आवासीय परिसर में 584 आवासों में लाभार्थी परिवार निवास कर रहे हैं। परिसर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्य के दौरान उत्तराखंड पेयजल विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर सड़कें खोदी गई थीं। वहीं, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन द्वारा विद्युत पोल लगाने के लिए भी कई स्थानों पर सड़कें खोदी गईं। कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित सड़कों की समुचित मरम्मत एवं पुनर्स्थापना नहीं होने से सड़कें बेहद क्षतिग्रस्त एवं जर्जर स्थिति में पहुंच गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  नेचर गाइड उत्तराखंड के जंगलों, वन्यजीवों और संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडरः मुख्यमंत्री

 

 

 

 

पत्र के अनुसार बारिश के मौसम में इन स्थानों पर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे आवासीय परिसर में रहने वाले लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य निवासियों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। साथ ही मच्छर एवं विषैले कीटों के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी जताई गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड की बेटियों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा, सीएम धामी ने किया सम्मान।

 

 

 

 

 

लाभार्थियों ने जनहित एवं आवासीय परिसर के निवासियों की सुविधा को देखते हुए संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित कर क्षतिग्रस्त एवं खुदी हुई सड़कों की आवश्यक मरम्मत, समतलीकरण एवं पुनर्स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें 👉  राज्यमंत्री भावना मेहरा सख्त, जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

यह पत्र हरदीप शर्मा (एडवोकेट) एवं अन्य लाभार्थियों की ओर से दिनांक 23 जुलाई 2026 को प्रेषित किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई हेतु उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन, उत्तराखंड पेयजल निगम तथा संबंधित निर्माण एजेंसी को भी भेजी गई है।