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खबर का असर: मचान रिसोर्ट पर वन विभाग का शिकंजा, बाघों के इलाके में पर्यटकों को घुमाने पर नोटिस जारी #बाघों के बीच ‘डेंजर टूरिज्म’ का खेल? मचान रिसोर्ट से वन विभाग ने मांगा जवाब

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#खबर का असर: मचान रिसोर्ट पर वन विभाग का शिकंजा, बाघों के इलाके में पर्यटकों को घुमाने पर नोटिस जारी

#बाघों के बीच ‘डेंजर टूरिज्म’ का खेल? मचान रिसोर्ट से वन विभाग ने मांगा जवाब

रोशनी पांडे प्रधान संपादक

 

#टाइगर ज़ोन में रोमांच बेचने का आरोप, मचान रिसोर्ट पर एक्शन मोड में वन विभाग

#बाघों के इलाके में पर्यटकों की जान से खिलवाड़? मचान रिसोर्ट पर वन विभाग का शिकंजा
रामनगर। रात का सन्नाटा… घना जंगल… और हर आहट के पीछे छिपा बाघ, हाथी या तेंदुए का खतरा। कॉर्बेट के इन्हीं खौफनाक जंगलों के किनारे अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पर्यटन कारोबार में हड़कंप मचा दिया है।

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रामनगर स्थित मचान रिसोर्ट पर गंभीर आरोप लगे हैं कि कथित रूप से अधिक मुनाफे के लालच में पर्यटकों को आरक्षित वन भूमि से लगे उस संवेदनशील इलाके में ले जाया जा रहा था, जहां बाघों और अन्य वन्यजीवों की लगातार आवाजाही रहती है। सूत्रों के मुताबिक रिसोर्ट के कर्मचारी रोमांच के नाम पर पर्यटकों को ऐसे क्षेत्रों तक पहुंचा रहे थे, जहां किसी भी क्षण खतरनाक वन्यजीवों से सामना हो सकता था।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल Media पर कथित तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। तस्वीरों के सामने आते ही वन विभाग हरकत में आया और कोसी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ने रिसोर्ट प्रबंधन को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
रोमांच या मौत का खेल?
वन विभाग के अनुसार संबंधित क्षेत्र वन्यजीव बाहुल्य जोन है, जहां जरा सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती थी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो रिसोर्ट प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल की खामोशी के बीच लंबे समय से “डेंजर टूरिज्म” का खेल चल रहा था, जिसमें रोमांच बेचने के नाम पर पर्यटकों की सुरक्षा को दांव पर लगाया जा रहा था।

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अब कॉर्बेट के जंगलों में सिर्फ बाघों का ही नहीं, बल्कि वन विभाग की पैनी नजर का भी डर है। जांच पूरी होने के बाद मचान रिसोर्ट पर बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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