कुमाऊं के 7 शहरों को जलभराव से राहत, ड्रेनेज मास्टर प्लान को मिली मंजूरी।

कुमाऊं के 7 शहरों को जलभराव से राहत, ड्रेनेज मास्टर प्लान को मिली मंजूरी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

27 अप्रैल 2026, हल्द्वानी।

कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़, टनकपुर, कपकोट, गरुड़, बागेश्वर, बनबसा और हल्द्वानी जैसे शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में तैयार ड्रेनेज मास्टर प्लान को कमेटी ने मंजूरी देते हुए शासन को प्रेषित कर दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  1 दिसंबर से शुरू होगी जनगणना, 15 से 30 नवंबर तक स्व-गणना का अवसर

दीपक रावत की अध्यक्षता में मंडलायुक्त कैंप कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित बैठक में सिंचाई विभाग एवं अन्य विभागों के अभियंताओं द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में शहरवार जलभराव की स्थिति, क्रिटिकल प्वाइंट, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग और डीपीआर की जानकारी साझा की गई।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक तरीके से नालों की गहराई और चौड़ाई तय की जाए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कैचपिट निर्माण, नालों की ढाल और सिल्ट-कचरे से बचाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़ें 👉  बागेश्वर पुलिस की अपराध समीक्षा गोष्ठी: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हुड़दंगियों और तस्करों पर होगी सख्त कार्रवाई!

प्रस्तावित योजनाओं के तहत—

  • कपकोट में 10.14 किमी ड्रेनेज पर 37.28 करोड़ रुपये
  • बागेश्वर में 35.32 किमी पर 129.50 करोड़ रुपये
  • गरुड़ में 8.28 किमी पर 25.54 करोड़ रुपये
  • पिथौरागढ़ में 16.77 किमी पर 87.85 करोड़ रुपये
  • टनकपुर में 31.32 किमी पर 101.57 करोड़ रुपये
  • बनबसा में 25.60 किमी पर 66.57 करोड़ रुपये
यह भी पढ़ें 👉  *ADG वी मुरुगेशन की फटकार, IG कुमाऊँ की कड़ी चेतावनी के बाद जगजे सिस्टम, साइबर अपराधियों पर टूटा नैनीताल पुलिस का कहर* *जांच के बाद साईबर हॉटस्पॉट के विरुद्ध एक ही रात में 43 FIR, कुल 49 मुकदमे*

की लागत से ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।

इस मास्टर प्लान के लागू होने से नालों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी और अनियंत्रित जल प्रवाह के कारण होने वाले भू-कटाव में भी कमी आएगी।

बैठक में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

karki
inder