बद्रीनाथ धाम में गूंजा देवभूमि की संस्कृति का रंग, मुख्यमंत्री धामी ने ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में की शिरकत

बद्रीनाथ धाम में गूंजा देवभूमि की संस्कृति का रंग, मुख्यमंत्री धामी ने ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में की शिरकत

 

 रोशनी पांडे प्रधान संपादक 

 

भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना, मां नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मातृशक्ति के साथ चाचणी नृत्य में हुए शामिल

 

बद्रीनाथ। श्री बद्रीनाथ धाम में भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री के बद्रीनाथ हेलीपैड पहुंचने पर जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सेरेमोनियल ड्रेस में सजे पुलिस जवानों ने सलामी देकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले भगवान बदरी विशाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री बामणी गांव स्थित मां नंदा देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

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मां नंदा देवी मंदिर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति के साथ चाचणी नृत्य में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री का पारंपरिक लोक संस्कृति से जुड़ना आयोजन में मौजूद लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान उन्होंने श्री बद्रीनाथ कथा महोत्सव में भी प्रतिभाग किया।

 

‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ की थीम पर आयोजित हुआ महोत्सव

 

टूरिस्ट अराइवल प्लाजा, बद्रीनाथ में आयोजित यह महोत्सव केंद्र सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आधारित है। आयोजन का उद्देश्य देश के प्रथम गांव माणा को सीमांत पर्यटन, सांस्कृतिक गौरव और सामुदायिक विकास के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करना है।

 

महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक विरासत, स्थानीय उत्पादों और सीमांत क्षेत्रों के जीवन को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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स्थानीय उत्पादों और हुनर को मिला मंच

 

महोत्सव में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों, किसानों और युवा उद्यमियों की ओर से विभिन्न स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय लोगों के उत्पादों और पारंपरिक हुनर को बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

 

वहीं भारतीय सेना की विशेष प्रदर्शनी भी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रही। प्रदर्शनी में विभिन्न सैन्य उपकरणों एवं हथियारों को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों और युवाओं ने सेना के उपकरणों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के जीवन, आपदा राहत, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में सेना की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त की।

 

ऑपरेशन सद्भावना के कार्यों को भी किया गया प्रदर्शित

 

महोत्सव में भारतीय सेना द्वारा सीमाओं की सुरक्षा में निभाई जा रही भूमिका के साथ-साथ ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत किए जा रहे सामाजिक विकास कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया। आयोजन में सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्रमुखता दी गई।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, संस्कृति और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

 

 

 

 

 

 

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्थवाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री अरुण मैठाणी, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत सहित सेना एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

 

जय बदरी विशाल 🙏

जय मां नंदा देवी 🌺

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