STP फेल या सिस्टम लापरवाह? 584 परिवार झेल रहे गंदे पानी का दंश

Spread the love

 

STP फेल या सिस्टम लापरवाह? 584 परिवार झेल रहे गंदे पानी का दंश

 

584 आवासीय परिवारों की जिंदगी पर मंडरा रहा सीवेज का खतरा, STP की व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश में नालियां उफनने और गंदा पानी फैलने का आरोप, लाभार्थियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एसडीम काशीपुर से की तत्काल जांच की मांग

काशीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गंगापुर गोसाई, कुंडेश्वरी रोड स्थित आवासीय परिसर में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की व्यवस्था को लेकर लाभार्थियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। 584 आवासीय परिवारों से जुड़े लाभार्थियों ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और एसडीम काशीपुर को शिकायत भेजकर STP की तत्काल स्थलीय जांच कराने और खामियां मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम के दौरे से पहले पुलिस अलर्ट, एसपी हल्द्वानी ने जवानों को दिए सुरक्षा के कड़े निर्देश

 

 

 

 

शिकायत में कहा गया है कि परिसर में स्थापित STP के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। बारिश के दौरान नालियों में पानी भरने तथा गंदे पानी के फैलने से आवासीय परिसर में जलभराव और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लाभार्थियों का आरोप है कि सीवेज व्यवस्था में लापरवाही का सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और अन्य निवासियों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

 

 

 

 

 

लाभार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि STP परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। प्लांट के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था, गेट-तालों तथा चेतावनी बोर्ड आदि की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चों अथवा अन्य लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।

यह भी पढ़ें 👉  भारी बारिश से कल्पेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भूस्खलन, मलबे से हुआ भारी नुकसान

शिकायत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से STP की कार्यक्षमता, क्षमता और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन की जांच कराने, STP से निकलने वाले उपचारित पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराने तथा नालियों में गंदे पानी के प्रवाह की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की गई है।

लाभार्थियों ने STP के संचालन एवं रखरखाव के लिए जिम्मेदार निर्माण कंपनी अथवा संबंधित संस्था की जिम्मेदारी निर्धारित करने, परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा भविष्य में सीवेज एवं दूषित पानी की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले—फाइलों से आगे बढ़े प्रशासन, जनता तक पहुंचे योजनाओं का वास्तविक लाभ

खुशी, हरदीप शर्मा एडवोकेट, रवि कुमार, ज्योति, अमित, वीरेंद्र पाल, राजवीर, अमित, राहुल कुमार आदि शिकायतकर्ताओं ने कहा कि मामला केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए पूरे मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायत की प्रतियां संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।

जब इस संदर्भ में एसपी सिंह क्षेत्रीय अधिकारी उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काशीपुर से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में शिकायती पत्र के माध्यम से आया है हम मौका निरीक्षण कराकर इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।

karki
inder