कुमाऊँ में सबसे बड़ी सफलता अपराधियों के काल बने SSP NAINITAL डॉ. मंजुनाथ टीसी — सटीक रणनीति से ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ में नेशनल साइबर सिंडिकेट का सफाया, 05 करोड़ से अधिक की ठगी में लिप्त मुख्य सरगना सहित 06 शातिर गिरफ्तार, भारी मात्रा में मोबाइल, सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, आईपैड और लाखों रुपये बरामद 02 विधि विवादित किशोर संरक्षण में

कुमाऊँ में सबसे बड़ी सफलता

अपराधियों के काल बने SSP NAINITAL डॉ. मंजुनाथ टीसी — सटीक रणनीति से ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ में नेशनल साइबर सिंडिकेट का सफाया, 05 करोड़ से अधिक की ठगी में लिप्त

मुख्य सरगना सहित 06 शातिर गिरफ्तार, भारी मात्रा में मोबाइल, सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, आईपैड और लाखों रुपये बरामद

02 विधि विवादित किशोर संरक्षण में

 

रोशनी पांडे – प्रधान संपादक

 

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में साइबर अपराधियों और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखानी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो म्यूल बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी और अनधिकृत ऐप के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन को अंजाम दे रहा था।

 

 

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में SOG, साइबर सेल और मुखानी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने लक्ष्मण विहार कॉलोनी में छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 2 विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए पिछले करीब चार महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन किए गए। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

रात में मिली सूचना, पुलिस ने मकान पर मारा छापा

पुलिस के अनुसार 5 और 6 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि को सटीक सूचना मिली थी कि मुखानी थाना क्षेत्र की लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान से संदिग्ध साइबर वित्तीय गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है।

सूचना के आधार पर एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल और एसएसपी/सीओ हल्द्वानी अमित सैनी के पर्यवेक्षण में मुखानी थाना पुलिस, SOG और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मकान में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से गिरोह के मुख्य संचालक राहुल यादव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया।

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क्रिप्टोकरेंसी से लेकर म्यूल खातों तक पूरा नेटवर्क

पुलिस की जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना राहुल यादव, निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश, बाइनेंस ऐप के माध्यम से नकदी जुटाकर USDT क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था।

इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से हासिल किए गए कथित अनधिकृत ‘UMASTER’ ऐप का इस्तेमाल कर USDT की खरीद-फरोख्त की जाती थी। पुलिस के मुताबिक बिना वैध दस्तावेज, KYC और रकम के स्रोत के सत्यापन के इस नेटवर्क में प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की USDT का लेन-देन किया जाता था।

आरोपियों को इसमें 3 प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस का लालच दिया जाता था।

स्थानीय युवाओं को 3 प्रतिशत कमीशन का लालच

गिरोह ने साइबर अपराध से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में घुमाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी नेटवर्क तैयार किया था। इसके लिए युवाओं को 3 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया जाता था।

इन लोगों के माध्यम से बैंक खाताधारकों के बैंक खाते, ATM कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल संदिग्ध रकम के लेन-देन और उसे अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।

पुलिस के मुताबिक खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास रखता था, जिससे बैंक खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों पर गिरोह का नियंत्रण बना रहे।

ATM से कैश निकासी और CDM से रकम ट्रांसफर

जांच में सामने आया है कि म्यूल बैंक खातों में रकम आने के बाद गिरोह के सदस्य ATM के माध्यम से नकदी निकालते थे।

जब रकम अधिक होती थी तो उसे कैश डिपॉजिट मशीन यानी CDM के माध्यम से दूसरे बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर किया जाता था। इस तरह रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।

पुलिस इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी खंगाल रही है।

मुख्य सरगना समेत छह गिरफ्तार

पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें—

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1. राहुल यादव, उम्र 30 वर्ष, पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश। पुलिस के अनुसार यह गिरोह का मुख्य संचालक/गैंग लीडर है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक राहुल यादव पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में धारा 420/409 IPC के मामले में जेल जा चुका है।

2. हर्षित कुमार, उम्र 26 वर्ष, पुत्र भरतवीर, निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, नैनीताल। पुलिस के अनुसार यह ATM से रकम निकालने और CDM के जरिए रकम जमा करने का काम करता था।

3. कमल गोस्वामी, उम्र 21 वर्ष, पुत्र नवीन गोस्वामी, निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, नैनीताल। आरोप है कि यह कमीशन के आधार पर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था।

4. साहिल कुमार, उम्र 21 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय जीवन राम, निवासी कांडा, बागेश्वर, हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल। पुलिस के अनुसार यह भी म्यूल खाते उपलब्ध कराने के नेटवर्क में शामिल था।

5. मौ. अयान, उम्र 20 वर्ष, पुत्र मौ. यामीन, निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश। पुलिस के अनुसार यह गिरोह में इन्वेस्टर के रूप में जुड़ा था।

6. मौ. शुभान, उम्र 24 वर्ष, पुत्र वाजिद हुसैन, निवासी ग्राम सलारपुरकला, सम्भल, उत्तर प्रदेश। पुलिस के अनुसार यह भी इन्वेस्टर के रूप में नेटवर्क से जुड़ा था।

इसके अलावा पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

दो विधि-विवादित किशोर भी संरक्षण में

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया है। दोनों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।

भारी मात्रा में सामान बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर नेटवर्क में इस्तेमाल किए जा रहे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।

अब तक सामने आई बरामदगी में—

  • 1 लाख 18 हजार 800 रुपये नकद
  • डेल कंपनी का लैपटॉप
  • कई मोबाइल फोन
  • आईपैड
  • करीब दो दर्जन ATM कार्ड
  • 12 सिम कार्ड
  • विभिन्न बैंक खातों की चेकबुक
  • पासबुक
  • अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज

शामिल हैं।

पुलिस इन उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के बाद गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और साइबर लेन-देन की और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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5 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन की जांच

पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में इस सिंडिकेट से पिछले चार महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन का पता चला है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से देश के किन-किन राज्यों के लोग जुड़े हुए थे और साइबर ठगी से प्राप्त रकम किन बैंक खातों में पहुंचाई जाती थी।

साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के तौर पर किया गया और इन खातों से कितनी रकम निकाली या ट्रांसफर की गई।

मुखानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज

मामले में कोतवाली मुखानी में मुकदमा अपराध संख्या 141/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 66(C), 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा धारा 3(5), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई शुरू की है।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

ऑपरेशन हॉटस्पॉट के तहत लगातार कार्रवाई

नैनीताल पुलिस द्वारा ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 के तहत साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अवैध नकदी निकासी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत मुखानी में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और फर्जी वित्तीय नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के जरिए रकम को क्रिप्टोकरेंसी और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से घुमाने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देशभर में फैले नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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