बनभूलपुरा हिंसा के आरोपियों की जमानत पर भ्रामक खबरों का खंडन

बनभूलपुरा हिंसा के आरोपियों की जमानत पर भ्रामक खबरों का खंडन

रोशनी पाण्डेय – प्रधान संपादक        

 

नैनीताल: बनभूलपुरा हिंसा से संबंधित कुछ आरोपियों की जमानत मिलने के बाद सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि पुलिस ने चार्जशीट समय पर दाखिल नहीं की, जिसके कारण आरोपियों को जमानत मिली।

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इस संदर्भ में नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यूएपीए (UAPA) की धारा 43(D) के अंतर्गत विवेचक को 90 दिनों के भीतर रिमांड अवधि बढ़ाने का अधिकार है। इसी के तहत, न्यायालय द्वारा रिमांड की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन की गई।

 

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पुलिस ने 180 दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने से पूर्व ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस प्रकार, पुलिस द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने की खबरें पूरी तरह से असत्य और भ्रामक हैं।

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नैनीताल पुलिस ने इस गलतफहमी को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी की गई हैं और इस प्रकार की भ्रामक खबरों का कोई आधार नहीं है।

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