मां सीता के आदर्शों से गूंजा सीता-वाल्मीकि आश्रम, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक
रामनगर/सीतावनी। रामनगर के सीतावनी क्षेत्र स्थित पाटकोट के पावन सीता-वाल्मीकि आश्रम में शनिवार को पहली बार भव्य श्री जानकी कथा का आयोजन किया गया। रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया।
कार्यक्रम में सांसद Ajay Bhatt ने
कहा कि यह आयोजन मां सीता के त्याग, तपस्या, मर्यादा और प्रेरणादायी जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि 12 वर्षीय बाल व्यास Vaidehinandan Vedant द्वारा श्री जानकी कथा का वाचन किया जा रहा है, जो अपने अद्भुत कथा-वाचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
सांसद ने कहा कि मां सीता केवल आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि नारी सम्मान, शक्ति और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही “सीता सखी समिति” का गठन कर देशभर की महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सीतावनी को इसलिए चुना गया क्योंकि इसे रामायण काल से जुड़ा अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। कथा के दौरान व्यास वैदेहीनंदन वेदांती जी ने माता जानकी के जीवन, त्याग और आदर्शों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया।
इस अवसर पर Naman Krishna Maharaj, Vijayshree, Diwan Singh Bisht, Sarita Arya सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





