आईएमपीसीएल के निजीकरण पर बवाल, हरीश रावत समेत कई नेताओं ने किया विरोध प्रदर्शन।

आईएमपीसीएल के निजीकरण पर बवाल, हरीश रावत समेत कई नेताओं ने किया विरोध प्रदर्शन।

 

 उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर – इंडियन मेडिसिन्स फ़ार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने रामनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए और सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की।

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सभा को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने कहा, “लाभ में चल रही इस फैक्ट्री को बेचना अन्यायपूर्ण है। सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा, वरना हम बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने निजीकरण के इस प्रयास को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

 

प्रदर्शन के दौरान आईएमपीसीएल कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत, एससी/एसटी/ओबीसी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष पानिराम, निशांत पपनें, पुष्कर दुर्गापाल, आशिफ इकबाल, राहुल कांडपाल, लक्की विश्वकर्मा, महावीर रावत, ग्राम प्रधान सुरेंद्र बिष्ट, जसी राम, रमेश रावत, इंदर नेगी, विन्नी फर्त्याल, चेतन पंत, और ललित कडकोटी भी मौजूद रहे।

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प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर निजीकरण के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और सरकार से तुरंत इस फैसले को रद्द करने की मांग की। हरीश रावत ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा।

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प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने जोर देकर कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा और लाभदायक फैक्ट्री का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा।

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