कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के सामने पहुंचा जमीन का मामला, तीन दिन में मांगा निस्तारण
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
आयुक्त/सचिव मा. मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को कैम्प कार्यालय, हल्द्वानी में जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान वसूली, प्रधानमंत्री आवास योजना, भवन निर्माण में अवैध वसूली, प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास में देरी,भूमि पर जबरन कब्जा आदि से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए आयुक्त द्वारा अधिकांश मामलों का दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर समाधान किया गया।
*शहर में अवैध रूप से टुक-टुक बेचे जाने की शिकायत पर आयुक्त ने आर.टी.ओ. को शहर के सभी टुक-टुक के रजिस्ट्रेशन की जाँच करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन के पाए जाने पर सीज की कार्रवाई के साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाए।*
जनसुनवाई में सुरेश मौर्य ने बताया कि उन्होंने टुक-टुक जमीर अहमद से क्रय किया था। जमीर अहमद का व्यावसायिक लाइसेंस न होने के कारण टुक-टुक का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। उनके द्वारा बताया गया कि शहर में कई लोगों को वाहन बेचे गए हैं। आयुक्त ने जमीर अहमद को तलब कर जानकारी ली तो पता चला कि उनके द्वारा कई लोगों को टुक-टुक बेचे गए हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। लोग रजिस्ट्रेशन के लिए आर.टी.ओ. कार्यालय गए तो संबंधित फर्म का व्यावसायिक लाइसेंस नवीनीकृत न होने के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। जिस पर आयुक्त ने सभी लोगों की धनराशि वापस करने के निर्देश दिए, ऐसा न करने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आयुक्त ने कहा कि यह एक गंभीर और कानूनी मामला है। बिना बिक्री लाइसेंस के व्यावसायिक रूप से वाहनों को बेचना और बिना रजिस्ट्रेशन के उन्हें सड़क पर उतारना पूरी तरह से अवैध है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। एआरटीओ एस के सिंह ने बताया कि शहर में लगभग 4000 टुक-टुक संचालित हो रहे है। आयुक्त ने कहा कि हल्द्वानी में किस जगह पर यह अवैध काम चल रहा है उन स्थानों, दुकानों आदि की चैकिंग के साथ ही नगर में संचालित सभी टुक-टुक का रजिस्टेशन चैक करने के निर्देश दिये अवैध पाये जाने पर सीज की कार्यवाही के साथ ही सम्बन्धित के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाए।
*आयुक्त ने कहा पारंपरिक घराट (पनचक्की) उत्तराखंड की एक अमूल्य और पर्यावरण-अनुकूल ऐतिहासिक धरोहर है। समय के साथ बंद पड़ी रामडी आनसिह घराट चक्की का पुनरुद्धार और पुनर्निर्माण न केवल संस्कृति का संरक्षण करेगा, बल्कि स्थानीय आजीविका और शुद्ध खानपान को भी बढ़ावा देगा*
ब्लाक प्रमुख मंजू गौड ने बताया कि रामडी आनसिंह क्षेत्र में घराट, पनचक्की है जो काफी वर्षाें से बन्द पडी है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनरूद्वार किया जाए। जिस पर आयुक्त ने मुख्य अभियंता सिचाई एस.के शुक्ला को तलब कर जानकारी ली। उनके द्वारा बताया गया कि यह घराट बन्द पड़ी है। आयुक्त ने कहा कि घराट को चालू करने हेतु स्टीमेट शीघ्र प्रस्तुत करें ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा घराट चालू होने से लोगों को पनचक्की का पौष्टिक आटा उपलब्ध होगा वही इस घराट का संचालन महिला सहायता समूह द्वारा किया जायेगा।
*घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा राशि न मिलने पर आयुक्त ने जताई नाराजगी, विभागीय जांच के निर्देश*
शिकायतकर्ता गणेश सिंह पुत्र स्व. लच्छम सिंह, निवासी ग्राम बडौन, ओखलकांडा ने घोड़े की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी द्वारा बीमा राशि का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत आयुक्त के समक्ष रखी। आयुक्त ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी ली।
इस दौरान आयुक्त ने वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि घोड़े का बीमा नहीं हुआ था तो इसकी जानकारी संबंधित पशुपालक को समय रहते क्यों नहीं दी गई। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रकरण में विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अपर निदेशक, पशुपालन विभाग, कुमाऊं मंडल आर.एस. को भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*जनसुनवाई में शिकायतों पर आयुक्त सख्त, बिना आर.टी.ओ. ट्रांसफर के वाहन बेचने पर होगी कार्रवाई*
जनसुनवाई में वाहन स्वामी द्वारा बिना आर.टी.ओ. कार्यालय में ट्रांसफर कराए वाहन बेच दिया गया और वाहन पर चालान होने पर संबंधित वाहन स्वामी द्वारा चालान की धनराशि भी आर.टी.ओ. कार्यालय में जमा नहीं की गई। जिस पर आयुक्त ने कहा कि वाहन स्वामी द्वारा वाहन विक्रय करने से पूर्व संबंधित को वाहन ट्रांसफर की कार्यवाही करना अनिवार्य है। भविष्य में कोई भी दुर्घटना होने पर संबंधित वाहन स्वामी की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
*टुक-टुक खरीद में धोखाधड़ी की शिकायत पर एक सप्ताह में पंजीकरण के निर्देश*
शिकायतकर्ता रोहित कुमार, निवासी विठौरिया ने टुक-टुक खरीदने के दौरान धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में आयुक्त के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की। आयुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष को एक सप्ताह के भीतर टुक-टुक का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही एआरटीओ को भी प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*वाहन का पंजीकरण न कराने पर आयुक्त ने दिलाई 25 हजार रुपये की धनराशि।*
शिकायतकर्ता सुरेश मौर्य, निवासी नई बस्ती जीतपुर नेगी, हल्द्वानी ने शिकायत दर्ज कराई कि जमीर अहमद द्वारा उनके वाहन का पंजीकरण नहीं कराया गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने एआरटीओ हल्द्वानी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जमीर अहमद को निर्देशित किया कि वह शिकायतकर्ता की शेष धनराशि भी वापस करें। आयुक्त के हस्तक्षेप पर तत्काल मौके पर ही शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये की धनराशि वापस दिलाई गई।
*जमीन का अंश न बताने पर आयुक्त ने लेखपाल को लगाई फटकार, तीन दिन में निस्तारण के निर्देश*
शिकायतकर्ता गरिमा रावत, निवासी माला फतेहपुर ने आयुक्त के समक्ष शिकायत रखी कि उनके द्वारा कई बार क्षेत्रीय लेखपाल से अपनी भूमि का अंश एवं विवरण पूछे जाने के बावजूद उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने लेखपाल को फटकार लगाते हुए कहा कि आम जनता को इस प्रकार परेशान न किया जाए और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लेखपाल को तीन दिन तक अवकाश न लेने तथा इस अवधि में संबंधित भूमि का अंश निकालकर शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
*बिना ट्रांसफर किए वाहन बेचने पर 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश*
शिकायतकर्ता मनवीर सिंह, निवासी ईसाई लामाचौड़ ने आयुक्त के समक्ष वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की। आयुक्त ने प्रकरण की जांच-पड़ताल कर तथ्यों का संज्ञान लिया। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा वाहन का स्वामित्व हस्तांतरित किए बिना ही वाहन बेच दिया गया था। इस पर आयुक्त ने एआरटीओ हल्द्वानी को नियमानुसार शिकायतकर्ता पर 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में सुरेश चन्द्र बजूनियाहल्दू ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने,गणेश सिंह ओखलकाण्डा निवासी ने घोडे की मृत्यु के उपरान्त बीमा राशि नहीं देने चन्द्रशेखर निवासी नैनीताल ने प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास करने में देरी,राजेश कुमार निवासी काशीपुर ने 42 लाख देने के पश्चात प्लाट नही देने,रमा नेगी ने प्राथर्नी की भूमि पर जबरन कब्जा करने, आनन्द सिंह सुर्या ने विद्युत पोल को हटाये जाने आदि की शिकायतों का जनसुनवाई में समाधान किया।
