पहले बुलाया, फिर सरेआम अपमान! दलेर मेहंदी विवाद पर भड़के कलाकार

पहले बुलाया, फिर सरेआम अपमान! दलेर मेहंदी विवाद पर भड़के कलाकार

 

 

#उत्तराखंड में गायकों की कमी नहीं, फिर दलेर मेहंदी को बुलाकर बेइज्जती क्यों? कलाकारों ने उठाए सवाल

दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे उत्तराखंड के लोग और कई गायक, बोले—पहले से स्पष्ट करनी चाहिए थीं शर्तें

 

 

 

 

#उत्तराखंड। कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर हुए विवाद के बाद अब उत्तराखंड में भी आवाजें उठने लगी हैं। कई लोग और गायक इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब उत्तराखंड में प्रतिभाशाली गायकों की कोई कमी नहीं है, तो दूसरे राज्य से इतने बड़े कलाकार को बुलाने के बाद सार्वजनिक रूप से विवाद की स्थिति क्यों पैदा हुई?

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दलेर मेहंदी को लेकर उठे विवाद के बीच लोगों का कहना है कि यदि आयोजकों को उनके गानों, प्रस्तुति या मंचीय व्यवहार को लेकर कोई आपत्ति थी, तो कार्यक्रम से पहले ही नियम और शर्तें स्पष्ट कर दी जानी चाहिए थीं। किसी कलाकार को आमंत्रित करने के बाद मंच पर नाराजगी जताने से उसकी प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।

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उत्तराखंड के लोकगायक और स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बना रहे हैं। ऐसे में स्थानीय कलाकारों को बड़े मंचों पर पर्याप्त अवसर देने की मांग भी उठ रही है। लोगों का सवाल है कि जब प्रदेश में इतने प्रतिभाशाली गायक मौजूद हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक प्रयास क्यों नहीं किए जाते?

 

 

 

 

दलेर मेहंदी के समर्थन में उठ रही आवाजों के बीच एक बात साफ है कि किसी भी कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी तरह की शिकायत थी, तो उसे उचित तरीके से उठाया जाना चाहिए था। वहीं, विवाद से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की पुष्टि तथ्यों के आधार पर होना भी जरूरी है।

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उत्तराखंड के लोगों और गायकों के बीच उठ रहे सवाल अब चर्चा का विषय हैं—स्थानीय कलाकारों को मंच कब मिलेगा और बाहर से बुलाए गए कलाकारों के सम्मान का ध्यान कौन रखेगा?

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