*डॉ. जफर सैफी व अरमान सैफी हर साल रक्षा बंधन पर राखी बंधवाकर देते है कौमी एकता का पैगाम*
रामनगर। समाजसेवी डॉ. जफर सैफी व उनके स्टूडेंट पुत्र मो. अरमान सैफी हर वर्ष अपनी मुंहबोली सत बहिनो से राखी बंधवाकर कोमी एकता का पैगाम देते है। रक्षा बंधन के दिन उनके मोहल्ला बम्बाघेर स्थित निवास पर रौनक बड़ जाती है।उनकी पत्नी व पूर्व सभासद रुबीना सैफी के हाथो बने राजमा चावल, दही-बड़े, दही-फुलकी जैसे पकवानो की महक एक अलग ही नजारा पेश करती है। डॉक्टर जफर सैफी को राखी बाँधने के लिये रामनगर से वंदना वर्मा,प्रिया वर्मा, नरेंद्र कौर, बरेली से प्राची शर्मा, रुद्रपुर से बेबी मसीह, गाजियाबाद से सोनम मसीह व उनके बेटे अरमान को काशीपुर से 7 वर्षीय शिखा कश्यप राखी बाँधने आती है।
इनमे वंदना-प्रिया व साक्षी अपने-अपने इकलौते भाइयो को रोड एक्सीडेंट मे खो चुकी है ऐसे मे डॉ सैफी व उनके पुत्र अरमान ने इंसानियत के पैगाम को देते हुये अपनी कलाइयो पर इन बहिनो से राखी बंधवाकर उनकी उदास व सूनी आँखों मे भाई-बहिन के रिश्तो की चासनी की मिठास भरते हुये समाज को आपसी भाईचारे व इंसानों से मोहब्बत करने का पैगाम देने का सराहनीय काम किया है।






