कोटद्वार उत्तराखंड क्राइम

उच्च न्यायालय ने कड़े फैसले लेने के बाद विभागों को सभी सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश ।

Spread the love

उच्च न्यायालय ने कड़े फैसले लेने के बाद विभागों को सभी सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश ।

रोशनी पांडे  – प्रधान संपादक

कोटद्वार- पूरे देश सहित उत्तराखण्ड में भी सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बाजारों, मुख्य सड़कों सहित सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास अवैध अतिक्रमण के कारण तमाम अव्यवस्था होने से आमजनता को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

 

अतिक्रमण के कारण होने वाली परेशानियों से आम जनता द्वारा प्रशासन से मौखिक और लिखित शिकायत होने लगी परन्तु जिम्मेदार विभागों द्वारा लापरवाही और ढुलमुल रवैये से परेशान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत न्यायालय में कर डालीन्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद उच्च न्यायालय ने कड़े फैसले लेने के बाद विभागों को सभी सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। पौड़ी जिले के कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र का सबसे अधिक व्यस्ततम गोखले मार्ग बाजार सबसे अधिक अवैध अतिक्रमण का शिकार रहा है। गोखले मार्ग बाजार में अवैध अतिक्रमण को हमेशा राजनीतिक, नगर प्रशासन, व व्यापारिक संगठनों का सरक्षण मिलता रहा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव श्री आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया।

 

राज्य बनने के बाद से ही गोखले मार्ग बाजार पर अवैध अतिक्रमण की बाढ़ आ गयी। गोखले मार्ग बाजार के अवैध अतिक्रमण को हटाने के बारे में कहा जाता था कि इस बाजार से अतिक्रमण हटाना असंभव है परन्तु जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने की ठानी तो तमाम अड़चनों के बावजूद न्यायालय को जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकारी तंत्र को गोखले मार्ग बाजार से अतिक्रमण हटाने के निर्देश तय सीमा के अंदर करने के निर्देश जारी कर दिए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड की बेटियों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा, सीएम धामी ने किया सम्मान।

 

मजबूरन नगरनिगम प्रशासन को बाजार को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करने की कार्यवाही बुधवार से करनी पडी़। कोटद्वार में बुधवार को जब न्यायालय के निर्देश पर नगरनिगम बुलडोजर के साथ पहुंचा तो गोखले मार्ग बाजार खाली होने में देर नहीं लगी। मिली जानकारी के अनुसार अभी भी कुछ व्यापारियों द्वारा 15 दिन का समय लेने में कामयाबी हासिल कर ली है, कहीं ऐसा न हो ये 15 दिन 15 साल न बन जाए।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने किया आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण