जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 54 फील्ड ट्रेनरों को दिया गया तीन दिवसीय प्रशिक्षण

जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 54 फील्ड ट्रेनरों को दिया गया तीन दिवसीय प्रशिक्षण

 

रोशनी पांडे प्रधान सम्पादक 

 

 

16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्वगणना, 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगी जनसंख्या गणना

हल्द्वानी, नैनीताल। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) को सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला उद्योग केंद्र, हल्द्वानी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 54 फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और व्यावहारिक बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

 

 

 

 

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी ने मुख्य संदर्भदाता के रूप में प्रतिभाग किया, जबकि यश ने जनगणना मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 54 फील्ड ट्रेनर आगे अपने-अपने नगर निगमों एवं तहसीलों में प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे।

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स्वगणना और जनगणना की तिथियां निर्धारित

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की अवधि 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

परिवारों से पूछे जाएंगे विभिन्न महत्वपूर्ण सवाल

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, परिवार अनुसूची के माध्यम से नागरिकों से व्यक्तिगत, सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और निवास संबंधी जानकारियां प्राप्त की जाएंगी।

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इसमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति एवं जनजाति संबंधी विवरण शामिल होंगे। इसके अलावा माता-पिता की जानकारी, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

आर्थिक गतिविधियों के अंतर्गत रोजगार, व्यवसाय, कार्य की प्रकृति, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित जानकारी ली जाएगी। वहीं, जन्म स्थान, पूर्व निवास स्थान, प्रवासन का कारण, निवास की अवधि और स्थायी पते का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

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इसके अतिरिक्त निर्धारित अनुसूची के अनुसार अन्य जानकारियां भी एकत्र की जाएंगी। पहचान संबंधी दस्तावेजों का विवरण उपलब्धता एवं लागू प्रावधानों के अनुसार लिया जाएगा।

 

 

 

 

 

पारदर्शी और त्रुटिरहित गणना पर जोर

प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह दक्ष बनाना है, ताकि जनसंख्या गणना को पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने भी फील्ड ट्रेनरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आगामी चरण में प्रगणकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की।

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