रामायण के चरित्रों से सीख लेकर समाज में नैतिकता और मर्यादा स्थापित करें : तारा घिल्डियाल

रामायण के चरित्रों से सीख लेकर समाज में नैतिकता और मर्यादा स्थापित करें : तारा घिल्डियाल

 

 रोशनी पांडे प्रधान संपादक 

 

रामनगर। नेकी की दीवार के संयोजक तारा घिल्डियाल ने कहा कि रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, आदर्श नेतृत्व, पारिवारिक संबंधों और मानवीय मूल्यों की अनुपम पाठशाला है। वर्तमान समय में समाज को नैतिकता, संवेदनशीलता, सद्भाव और कर्तव्यनिष्ठा की सबसे अधिक आवश्यकता है। ऐसे में रामायण की शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं।

 

उन्होंने कहा कि रामायण का प्रत्येक चरित्र हमें जीवन की महत्वपूर्ण सीख देता है। प्रभु श्रीराम मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा, माता सीता आत्मसम्मान और धैर्य, लक्ष्मण समर्पण, भरत त्याग तथा हनुमान जी निःस्वार्थ सेवा और विनम्रता की प्रेरणा देते हैं। वहीं, रावण का चरित्र सिखाता है कि ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बन सकता है। विभीषण सत्य का साथ देने, कैकेयी का चरित्र गलत सलाह के दुष्परिणामों तथा राजा दशरथ का जीवन वचनबद्धता के साथ विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सीख देता है।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में पहले कॉर्बेट साहित्य महोत्सव-2026 का भव्य आगाज, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया शुभारंभ

 

तारा घिल्डियाल ने कहा कि रामायण का वास्तविक उद्देश्य केवल उसका पाठ करना नहीं, बल्कि उसकी शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारना है। यदि प्रत्येक व्यक्ति श्रीराम की मर्यादा, भरत के त्याग, हनुमान जी की सेवाभावना और माता सीता के आत्मसम्मान को अपने जीवन में अपनाए, तो परिवारों में प्रेम, समाज में सद्भाव और राष्ट्र में नैतिक चेतना को मजबूती मिल सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  ढेला-झिरना जोन पहुंचे मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता, कॉर्बेट के संरक्षण कार्यों को सराहा

 

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रामायण को केवल आस्था की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी के मार्गदर्शक के रूप में भी पढ़ें। समाज में वास्तविक परिवर्तन उपदेशों से नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार और कर्मों से आता है।

 

उन्होंने कहा कि नेकी की दीवार का संदेश मानवता की सेवा, कमजोरों का सहारा बनने, जरूरतमंदों की मदद करने तथा समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने का है। रामायण की शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर ही संवेदनशील, संस्कारवान और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  दिल्ली कूच करेगी रामनगर कांग्रेस, राहुल गांधी के आह्वान पर जुटेंगे कार्यकर्ता

 

इस अवसर पर अध्यक्ष गिरीश मठपाल, उपाध्यक्ष विनीत रिखाड़ी, महाप्रबंधक दिनेश सत्यवली, प्रबंधक अमित लोहनी, मंत्री दीप जोशी, उपमंत्री नवीन करगेती एवं कोषाध्यक्ष मोहन बिष्ट सहित कार्यकारिणी सदस्य हेम चन्द्र पाण्डे, पूरन चन्द्र पाण्डे, वीरेन्द्र पाण्डे, अनुज मिश्रा, ललित रावत, भानु करगेती और करन आर्या सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

जारीकर्ता:

तारा घिल्डियाल

संयोजक, नेकी की दीवार

रामनगर

karki
inder