मानसून में कॉर्बेट की सुरक्षा सख्त, दक्षिणी सीमा पर संयुक्त फ्लैग मार्च
रोशनी पांडे प्रधान सम्पादक
कालागढ़, 27 सितंबर 2026। मानसून सत्र के दौरान वन एवं वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से दक्षिणी सीमा पर संयुक्त फ्लैग मार्च किया गया। उप प्रभागीय वनाधिकारी कालागढ़ बिन्दर पाल के नेतृत्व में आयोजित फ्लैग मार्च में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर की टीमों ने हिस्सा लिया।
मार्च में ढेला, झिरना और कालागढ़ रेंज की एसओजी यूनिट सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। फ्लैग मार्च से पहले बिन्दर पाल ने कर्मचारियों को ब्रीफिंग देकर रूट और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी।
मानसून के दौरान बारिश से गश्ती मार्ग, बटिया और मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ घनी झाड़ियों तथा नदी-नालों में बढ़े जलस्तर के कारण वन सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त और निगरानी की जाती है।
फ्लैग मार्च के दौरान कालागढ़ से यूपी सीमा, मीरापुर, कल्लूवाला, केशरीपुर, बादीगढ़, रायपुर बैरियर, नगीना, धरमपुर, जसपुर, कुंडा चौराहा, गढ़ीनेगी, मालधन, हाथीडगर चौकी, सेमलखलिया, सावल्दे और बबलिया बैरियर होते हुए टीम ढेला वन विश्राम भवन पहुंची।
इस दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर वन एवं वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही संवेदनशील इलाकों में चेकिंग और निगरानी की गई।
ढेला वन विश्राम भवन पहुंचने के बाद डी-ब्रीफिंग में वन्यजीव सुरक्षा, अवैध शिकार और अवैध कटान की रोकथाम तथा आपसी समन्वय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
फ्लैग मार्च में वन क्षेत्राधिकारी ढेला ललित जोशी, झिरना के अभय जोशी, कालागढ़ के नन्द किशोर रुवाली, सुरक्षा इकाई के संजय पाण्डे समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी और वन आरक्षी मौजूद रहे।






