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कॉर्बेट में सफारी के दौरान मोबाइल पूरी तरह बैन, आज से सख्ती से लागू हुआ सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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कॉर्बेट में सफारी के दौरान मोबाइल पूरी तरह बैन, आज से सख्ती से लागू हुआ सुप्रीम कोर्ट का आदेश

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के प्राकृतिक वातावरण को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए ऐतिहासिक और सख्त निर्णय लागू कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुपालन में अब कॉर्बेट के सभी पर्यटन जोनों में सफारी के दौरान पर्यटकों के लिए मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह आदेश पार्क प्रशासन द्वारा आज से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जंगल सफारी के दौरान स्मार्टफोन का किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके पीछे प्रमुख उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, शोर, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल हस्तक्षेप को कम करना तथा जंगल के प्राकृतिक वातावरण को यथासंभव स्वाभाविक बनाए रखना है।

नए नियमों के तहत डे-सफारी पर जाने वाले सभी पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही अपने मोबाइल फोन जमा कराना अनिवार्य होगा। वहीं नाइट स्टे पर जाने वाले पर्यटकों के मोबाइल फोन जिप्सी में लगाए गए विशेष बॉक्स में रखे जाएंगे, जिसकी निगरानी जिप्सी चालक और नेचर गाइड द्वारा की जाएगी। रेस्ट हाउस पहुंचने के बाद पर्यटकों को मोबाइल फोन लौटा दिए जाएंगे, लेकिन उनका उपयोग केवल आवास के भीतर ही मान्य होगा।

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यदि कोई पर्यटक आवास के बाहर मोबाइल फोन का उपयोग करता पाया गया, तो उसका मोबाइल फोन तत्काल सीज किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित नेचर गाइड और जिप्सी चालक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सफारी के दौरान नेचर गाइड और जिप्सी चालकों के लिए भी मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।

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हालांकि, पर्यटकों को डीएसएलआर और अन्य प्रोफेशनल स्टिल कैमरे ले जाने की अनुमति दी गई है, ताकि वे वन्यजीवों और प्राकृतिक दृश्यों की फोटोग्राफी कर सकें, लेकिन मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

कॉर्बेट प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सभी पर्यटकों से अपील की गई है कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और पार्क नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें, ताकि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।