*भविष्य की पोस्ट पर हाईकोर्ट की पैनी नजर, ज्योति अधिकारी को सख़्त निर्देश*
*धार्मिक भावना को आहत करने वाली सभी पोस्टों को हटाई जाय*
*फ़िलहाल कुछ राहत भी*
रोशनी पांडे प्रधान संपादक
मा0 न्यायालय, नैनीताल ने चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी से जुड़े सात आपराधिक मामलों में से पाँच मामलों पर सुनवाई की।
■ ज्योति अधिकारी से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सभी पोस्टों को तत्काल हटाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
■ कोर्ट ने ज्योति अधिकारी को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं एवं पहाड़ की महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट/वीडियो तत्काल हटाए जाएँ, ताकि किसी की भावना आहत न हो।
■ न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
■ हाईकोर्ट ने ज्योति अधिकारी को भविष्य में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भड़काऊ अथवा धार्मिक-सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर न करने के सख़्त निर्देश जारी किए हैं।
■ आरोपों के अनुसार उनके कथनों से धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं तथा पहाड़ की महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
■ इन घटनाओं के बाद हल्द्वानी सहित विभिन्न स्थानों पर कुल सात मुकदमे दर्ज किए गए।
■ इनमें से दो मामलों में ज्योति अधिकारी जेल जा चुकी हैं और लगभग छह दिन की न्यायिक हिरासत काट चुकी हैं।
■ शेष पाँच मामलों में उच्च न्यायालय ने फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है।
■ सरकार की ओर से दलील दी गई कि आपत्तिजनक बयान फॉलोअर्स बढ़ाने के उद्देश्य से दिए गए, जिससे समाज का एक वर्ग आहत हुआ।






