*कुमाऊँ की नारी अस्मिता और देवआस्था पर अपमानजनक बयान से उबाल*
*लोकसंस्कृति और देवी-देवताओं को “फर्जी” बताने पर कुमाऊँ में भारी आक्रोश*
*कौतिकों में नृत्य करने वाली महिलाओं पर टिप्पणी, देवभूमि की आस्था व महिलाओं पर हमला बर्दाश्त नहीं: कुमाऊँ समाज का स्पष्ट संदेश*
देवभूमि की आस्था और महिलाओं पर टिप्पणी का मामला, ज्योति अधिकारी पर मुकदमा दर्ज
रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक
हल्द्वानी।
देवभूमि उत्तराखंड की महिलाओं, देवी-देवताओं और लोकसंस्कृति को लेकर आपत्तिजनक व अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में स्वयं को “ज्योति अधिकारी” बताने वाली महिला के खिलाफ थाना मुखानी में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर की गई है।
तहरीर के अनुसार, विगत दिनों अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान उक्त महिला ने हाथ में दराती लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्तराखंड की महिलाओं के लिए अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही देवभूमि के देवी-देवताओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे स्थानीय महिलाओं और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित महिला पूर्व में भी विभिन्न ब्लॉग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करती रही है, जिसको लेकर पहले भी विरोध दर्ज कराया जा चुका है।
मामला सामने आने के बाद कुमाऊँ मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में महिला संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने तीव्र नाराज़गी जताई है। लोगों का कहना है कि महिलाओं, देवी-देवताओं और लोकसंस्कृति का अपमान देवभूमि की सांस्कृतिक और सामाजिक अस्मिता पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






