उत्तराखंड जरा हटके

लोकसंस्कृति की पहचान इगास-बग्वाल : परंपरा, परिश्रम और आस्था का पर्व

Spread the love

लोकसंस्कृति की पहचान इगास-बग्वाल : परंपरा, परिश्रम और आस्था का पर्व।

 

रोशनी पांडेय – प्रधान संपादक

इगास देवभूमि की आत्मा, परिश्रम, आस्था व लोकजीवन की पहचान है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपराओं व सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण-संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

यह भी पढ़ें 👉  प्रबंध निदेशक के पद पर स्थाई पदभार ग्रहण करने के बाद  अजय कुमार सिंह की पहली बोर्ड बैठक।

आइए, इस पावन अवसर पर हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का संकल्प लें।

आप सभी को पुनः इगास-बग्वाल की हार्दिक शुभकामनाएँ।

यह भी पढ़ें 👉  हरित क्रांति की धरती पंतनगर में जुटे देश-विदेश के पूर्व छात्र, कृषि के भविष्य पर मंथन