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मुख्य सचिव की बड़ी पहल: मेडिकल कॉलेजों को दिलाई जाएगी NAAC मान्यता, नर्सिंग कोर्स में जुड़ेंगी विदेशी भाषाएं।

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मुख्य सचिव की बड़ी पहल: मेडिकल कॉलेजों को दिलाई जाएगी NAAC मान्यता, नर्सिंग कोर्स में जुड़ेंगी विदेशी भाषाएं।

 

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

देहरादून, सोमवार — मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य के सभी जिला व उप जिला अस्पतालों को चिकित्सकों, विशेषज्ञों और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में मैनपावर, आधारभूत सुविधाएं और चिकित्सा संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

 

 

 

 

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की मान्यता दिलाने के लिए तय मानकों के अनुरूप कार्य किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्रता मानदंडों को पूर्ण करने के लिए समय सीमा निर्धारित कर योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 12 दोपहिया टैक्सी वाहन सीज उधम सिंह राठौर - प्रधान संपादक कैंची धाम क्षेत्र में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 दोपहिया टैक्सी वाहन सीज पर्यटन सीजन एवं कैंची धाम क्षेत्र में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दोपहिया टैक्सी वाहनों को पूर्व में निर्देशित किया गया था कि उनके टैक्सी दुपहिया वाहन कैंची धाम एवं भवाली क्षेत्र की ओर संचालन प्रतिबंधित रहेगा। दिनांक 04.06.2026 को श्री महेश चन्द्रा, निरीक्षक यातायात भवाली द्वारा यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक प्लान एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 12 दोपहिया टैक्सी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया गया। सभी सीज वाहनों को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु कोतवाली भवाली में दाखिल किया गया है। नैनीताल पुलिस द्वारा आमजन एवं वाहन चालकों से अपील की गई है कि यातायात नियमों एवं निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

 

 

 

 

 

 

विदेशों में नर्सिंग के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित नर्सिंग पाठ्यक्रमों में जर्मन और जापानी भाषाओं की शिक्षा भी शामिल की जाए। इसके लिए दून विश्वविद्यालय और अन्य भाषायी संस्थानों से सहयोग लिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

मुख्य सचिव ने आयुर्वेद, यूनानी जैसे भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में एलोपैथी के साथ समन्वयित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों चिकित्सा पद्धतियां एक-दूसरे की पूरक बनकर स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि कर सकती हैं।

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चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु मुख्य सचिव ने चारधाम मार्गों पर स्थित अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इन्हें पूरी तरह सुसज्जित कर अन्य अस्पतालों से संसाधनों की निर्भरता कम करने के निर्देश दिए।

 

 

 

 

 

 

प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन को प्रभावी बताते हुए उन्होंने इसके दायरे को और विस्तार देने की बात कही। उन्होंने दूरदराज के स्वास्थ्य केंद्रों में कनेक्टिविटी मजबूत करने तथा एक समर्पित टीम तैनात करने के निर्देश भी दिए।

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बैठक के दौरान सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभागीय कार्यों व योजनाओं की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डाईवाला एवं भटवाड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उप जिला अस्पतालों में अपग्रेड किया जा रहा है। वहीं रूद्रपुर व पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों एवं तकनीशियनों की भर्ती के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

 

 

 

 

बैठक में मिशन निदेशक श्रीमती स्वाति भदौरिया, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।