उत्तराखंड क्राइम देहरादून

शव ठिकाने लगाने वाले दो गिरफ्तार, हत्याकांड में लेन-देन और अवैध संबंधों का शक

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शव ठिकाने लगाने वाले दो गिरफ्तार, हत्याकांड में लेन-देन और अवैध संबंधों का शक

 

रोशनी पांडेप्रधान संपादक

देहरादून। शहर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एमबीबीएस छात्र ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर इंटर कॉलेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए, जबकि शव ठिकाने लगाने में शामिल महिला के भाई और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गुमशुदगी से खुला हत्याकांड का राज
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, सात फरवरी को पीठावाला, चंद्रबनी निवासी निधि राठौर ने अपने पिता श्यामलाल गुरुजी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में पता चला कि लापता होने से पहले श्यामलाल ने गीता नाम की महिला से कई बार फोन पर बातचीत की थी। सीसीटीवी फुटेज में वे किशननगर चौक की ओर जाते दिखे, लेकिन लौटते नहीं दिखाई दिए। जब पुलिस ने गीता के घर पर दबिश दी, तो वह अपने पति समेत फरार मिली।

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भाई ने कबूला जुर्म, शव ठिकाने लगाने का किया खुलासा
पुलिस ने गीता के भाई अजय कुमार को देवबंद, सहारनपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में अजय ने खुलासा किया कि दो फरवरी को गीता ने फोन कर बताया था कि उसने अपने पति हिमांशु के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी है। इसके बाद अजय तीन फरवरी को देहरादून पहुंचा और चार फरवरी को अपने साथी धनराज चावला (निवासी देवबंद, सहारनपुर) को भी बुलाया। दोनों ने मिलकर शव को सफेद कट्टे में बांधकर कार से देवबंद ले जाकर साखन की नहर में फेंक दिया।

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मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने अजय और धनराज को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी हिमांशु चौधरी (देहरादून के प्रतिष्ठित कॉलेज का एमबीबीएस छात्र) और उसकी पत्नी गीता अभी भी फरार हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार दंपति की तलाश में दबिश दी जा रही है। हत्या के पीछे लेन-देन और अवैध संबंधों का शक जताया जा रहा है।