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नरेंद्र शर्मा का बड़ा बयान: भाजपा पर हाजी अकरम को जिताने की साजिश  हाजी अकरम की जीत की तैयारी में भाजपा

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नरेंद्र शर्मा का बड़ा बयान: भाजपा पर हाजी अकरम को जिताने की साजिश 

हाजी अकरम की जीत की तैयारी में भाजपा

रोशनी पांडे  – प्रधान संपादक

हाजी अकरम की जीत की तैयारी में भाजपा? नरेंद्र शर्मा ने किया खुलासा

रामनगर के चुनावी मैदान में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। निर्दलीय प्रत्याशी नरेंद्र शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने जानबूझकर एक कमजोर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है ताकि हाजी अकरम को चुनाव में आसानी से जीत दिलाई जा सके।

नरेंद्र शर्मा का आरोप:

नरेंद्र शर्मा ने कहा, “भाजपा और हाजी अकरम के बीच गहरी साजिश रची गई है। यह चुनाव निष्पक्ष नहीं है, क्योंकि भाजपा ने कमजोर प्रत्याशी उतारकर हाजी अकरम को लाभ पहुंचाने की योजना बनाई है।”

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उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कई प्रमुख कार्यकर्ता, जैसे सैयद मरार्जी, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए प्रचार करते रहे हैं, अब हाजी अकरम के पक्ष में तकरीर दे रहे हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा अंदर ही अंदर हाजी अकरम को समर्थन दे रही है।

सैयद मरार्जी की भूमिका पर सवाल:

परसों सैयद मरार्जी ने हाजी अकरम के समर्थन में जनता के सामने एक भावुक तकरीर दी। नरेंद्र शर्मा ने दावा किया कि यह भाषण भाजपा की रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा, “सैयद मरार्जी जैसे भाजपा कार्यकर्ताओं को हाजी अकरम के पक्ष में बुलाया जाना, इस साजिश का खुला प्रमाण है। भाजपा ने जनता को गुमराह करने और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए यह चाल चली है।”

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जनता से अपील:

नरेंद्र शर्मा ने जनता से अपील की कि वे इस साजिश को समझें और सही उम्मीदवार को वोट देकर सच्चाई का समर्थन करें। उन्होंने चुनाव आयोग से भी मांग की कि इस मामले की गहराई से जांच की जाए ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।

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भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार:

इस आरोप पर भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप रामनगर के चुनावी समीकरणों को बदल सकते हैं।

निष्पक्षता पर सवाल:

नरेंद्र शर्मा का यह बयान चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ रहा है। भाजपा और हाजी अकरम के बीच कथित गठजोड़ का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। जनता की नजर अब इस विवाद पर टिक गई है।