उत्तराखंड जरा हटके रामनगर

आइसा आर वाई ए ने 14 के बंद को  दिया समर्थन…

Spread the love

आइसा आर वाई ए ने 14 के बंद को  दिया समर्थन…

 

रोशनी  प्रधान संपादक

बाघ के आतंक से त्रस्त क्षेत्रीय जनता और जनसंगठनों द्वारा 14 दिसंबर को कार्बेट पार्क के ढेला और झिरना रेंज को बंद किए जाने को इंकलाबी नौजवान सभा( आर वाई ए) और छात्र संगठन आइसा ने भी समर्थन दिया है।पटरानी में हुई बैठक को संबोधित करते हुए नौजवान सभा की ब्लाक संयोजक रेखा बाराकोटी ने कहा विगत एक माह में बाघ द्वारा अनेकानेक गायों और दो महिलाओं को अपना शिकार बना दिया गया है परंतु वन विभाग के अधिकारी इन बाघों को पकड़ने में असफल रहे हैं।इधर कुछ दिनों से बाघों की जिस प्रकार पटरानी में बाघों की आवाजाही बढ़ गई है इससे सैंकड़ों स्थानीय लोगों की सामान्य दिनचर्या अस्तव्यस्त हो गई है।आइसा नेता नेहा आर्या ने कहा स्थानीय सरकार के जनप्रतिनिधियों की इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी दुर्भग्यपूर्ण है।

यह भी पढ़ें 👉  तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक’—नारी सशक्तिकरण से होगा संकल्प साकार।

 

 

बाघ द्वारा घायल युवक दीपक के इलाज पर अब तक लाखों रुपया खर्च हो गया है पर कार्बेट प्रशासन ने सिर्फ पचास हजार रुपए दे अपने दायित्व की इतिश्री कर ली है।बैठक में जंगली जानवरों से किसी भी व्यक्ति के मारे जाने पर 25 लाख रुपया और घायल को कम से कम 10 लाख रुपए की मदद दिए जाने की मांग की गई ।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्य सचिव के समक्ष किया गया पार्क के लेआउट का प्रस्तुतिकरण

 

 

 

आइसा के नगर अध्यक्ष सुमित कुमार ने कहा, उत्तरखंड में जंगली जानवरों के आतंक से जानता की जान जोखिम में आ चुकी है। सरकार ने हिंसक जंगली. जानवरो के इलाज के लिए तो रेस्क्यू सेंटर बनाया हुआ है लेकिन जंगली जानवरों से घायल व्यक्ति के इलाज के लिए कोई ठौर ठिकाना नही है। उत्तरखंड जंगली जानवरों का प्रदेश बन गया है, जहाँ पर इन्शानो की जिंदगी की शर्त पर जंगली जानवरों सभी संरक्षण दीया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर वर्दाश्त नही किया जा सकता।

यह भी पढ़ें 👉  कार्बेट टाइगर रिजर्व में सोलर फेंसिंग रखरखाव पर कार्यशाला

 

 

बैठक में रेखा बाराकोटी,सुमित कुमार, नेहा आर्य, हेमा जोशी, नीरज सिंह, रिंकी,मनीषा, रवि शंकर, तुलसी देवी, आदि मौजूद रहे।