रामनगर में हर्षोल्लास से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

*रामनगर में हर्षोल्लास से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 

रोशनी पांडे प्रधान संपादक

 

 

रामनगर मे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुल नबी का त्यौहार*, *जुलुसे मौहम्मदी मे दिया पर्यावरण सरंक्षण का संदेश*, *जुलुस मे डीजे पर प्रतिबंध लगाकर दिया नया संदेश*
रामनगर। इस्लाम र्ध्म के प्रवर्तक हजरत मुहम्मद सल. के जन्मदिवस के उपलक्ष्य मे मनाये जाने वाले त्यौहार जश्ने ईद मिलादुल नबी के तहत नगर मे जुलूसे मौहम्मदी निकाला गया तथा इस अवसर पर शहर पेश इमाम मुफ्ती गुलाम मुस्तफा नईमी ने हजूर के द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बचाये जाने के संदेश का जिक्र करते हुये अवाम से पेड़ो का सरंक्षण करने व पानी की फिजूल बर्बादी नही करने का संदेश दिया। बुधवार को प्रातः आठ बजे भवानीगंज स्थित मस्जिद नज्जारान से शुरू होकर गुलरघट्टी, बम्बाघेर, रानीखेत रोड, खताड़ी, मैन मार्किट होते हुये जामा मस्जिद मे आकर जूलूस जलसे मे बदल गया व इस बीच जुलूस के दौरान नारा ऐ तकबीर-अल्लाह हो अकबर, आका की आमद मरहबा, हजूर का दामन नही छोड़ेगे, पत्ती-2 फूल-2, या ररूल जैसे नारो से आसमान गूंजायमान हो गया। जलसे मे हजारो की तदात मे मुस्लिम भाईयो को सम्बोधित करते हुये शहर इमाम मुफ्ती गुलाम मुस्तफा नईमी ने पैगम्बरे इस्लाम के जीवन व उनके सदेंशो के बारे मे बताते हुये बताया कि हजरत मुहम्मद सल्लाहु आलेवसल्लम का का जन्म मक्का शहर मे इस्लामिक कलेण्डर के रब्बिहुल महीने की 12 तारीख तथा अग्रंेजी कलेण्डर के अनुसार 22 अप्रैल सन् 571 को पीर के दिन प्रातःकाल 4 बजकर 45 मिनट पर हुआ था। हजूर के दादा का नाम हजरत अब्दुल मुत्तलिब, पिता का नाम हजरते अब्दुल्ला, माता का नाम हजरते आमना था। पैगम्बर साहब 63 साल 4 दिन तक इस दुनियॉ मे रहे तथा उनके द्वारा जीवन के 23 साल पैगम्बरी की गयी। शहर इमाम ने बताया कि हजूर ने पर्यावरण सरंक्षण को लेकर संदेश देते हुये पेड़ो को नही काटे जाने व पानी की फिजूल बर्बादी नही किये जाने व हरियाली को बनाये रखने व उसको संरक्षण दिये जाने का संदेश दिया है जो कि मौजूदा हालत मे बहुत ही जरूरी है।

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उनके द्वारा पैगम्बरे इस्लाम के द्वारा मानवता के लिये दिये गये संदेश अवाम को बताते हुये बुरी आदतो से तौबा करने व पॉचो वक्त की नमाज पढ़ने, अपने मॉ-बाप व बड़ो का आदर करने, अपने शहर व अपने मुल्क व अपने पड़ोसियो से मौहब्बत करने, अपने पड़ोसियो के साथ मिलजुलकर रहने, गरीबो व जानवरो पर दया करने, दहशतगर्दी से दूर रहने की शिक्षा देते हुये मानवता से जुड़े कई संदेश अवाम को बताते हुये हजूर के द्वारा बताये गये रास्तो पर चलकर जिंदगी जीने की बात कही तथा रामनगर की आवाम के द्वारा जुलुस मे डीजे पर रोक लगाए जाने के फैसले की सराहना की। इस मौके पर इमाम मुफ्ती सलीम सैफी, मुफ्ती फरमान बरकाती, इमाम आशिक रजा, इमाम नाजिम रजा, कारी नाजिम, इमाम अकरम रजा, इमाम फारूख, हाफिज मुजफ्फर अली, कारी फुरकान, हाफिज नौशाद, जामा मस्जिद प्रशासक शकील खान, हाजी जुल्फिकार कुरैशी, मोहसिन खान, मौ. शमी उर्फ छम्मो, वाकर रजा, अजीजुर्रहमान आढ़ती, डॉ. जफर सैफी, ताईफ खान, परवेज मलिक सहित हजारो की संख्या मे मुस्लिम भाई मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, सीओ अमित कुमार सैनी, कोतवाल सुशील कुमार, एसएसआई दीपक बिष्ट, एसआई सौमेन्द्र सिंह, मनोज सिंह नयाल मय दलबल मौजूद रहे।
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