"Tragic Accident in Rishikesh:
जालौन उत्तर प्रदेश क्राइम

दर्दनाक सड़क हादसा: एक पिकअप खाई में जा  गिरी, चार लोगों की  हुई मौत, दो घायल।

Spread the love

दर्दनाक सड़क हादसा: एक पिकअप खाई में जा  गिरी, चार लोगों की  हुई मौत, दो घायल।

रोशनी पांडे प्रधान संपादक

उत्तर प्रदेश – ग्वालियर से लोहे की चादर खरीदकर लौट रहे व्यापारियों की पिकअप का टायर फट गया। इससे बेकाबू पिकअप खाई में जाकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक समेत दो घायल हो गए। हादसे का शिकार लोग लोहे का बक्सा बनाने का कार्य एक ही दुकान में करते थे।

यह भी पढ़ें 👉  *करोड़ों के सपने... सलाखों के पीछे!* *एसएसपी मंजुनाथ टीसी के 'ऑपरेशन प्रहार' ने उखाड़ फैंकी 70 लाख के नशे की मंडी* *SOG व पुलिस की टीम ने 03 अलग-अलग मामलों में 03 तस्करों से भारी मात्रा में स्मैक की बरामद*

 

 

ग्वालियर से चादर खरीदकर शुक्रवार की शाम को लौट रहे थे। शाम करीब छह बजे मध्य प्रदेश के गोहद के पास अचानक उनकी पिकअप का अगला टायर फट गया। इससे बेकाबू पिकअप सड़क किनारे खाई में जाकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में पीछे बैठे निहाल, मोहम्मद अली, अबूबकर और इरशाद की मौत हो गई, जबकि पिकअप चालक राजू और आगे बैठे नाजिम गंभीर रूप से घायल हो गए। चार लोगों की मौत की खबर सुनकर परिजनों में रोना-पीटना शुरू हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  जहां पुलिस मौजूद, वहीं वारदात—पीरूमदारा में सिस्टम फेल! #रामनगर में अपराधियों की मौज: पुलिस की पकड़ से बाहर लुटेरे!

 

 

नगर के मोहल्ला तोपखाना निवासी नाजिम (45) की कोंच चौराहे के पास बक्सा बनाने की दुकान हैं। शुक्रवार को वह बक्से बनाने में प्रयोग होने वाली लोहे की चादर खरीदने के लिए पिकअप से ग्वालियर गए थे। उनके साथ उनका पुत्र निहाल (19), दुकान में काम करने वाले शाहगंज निवासी मोहम्मद अली (22), झांसी जिले के मोंठ निवासी अबूबकर (25), सहाव निवासी इरशाद (28) और पिकअप चालक मोहल्ला तोपखाना निवासी राजू (35) भी थे।

यह भी पढ़ें 👉  “रामनगर के कॉज़ी होटल में खुला गंदा खेल! स्कूली छात्राएं कमरे से बरामद

 

 

पुत्र को मृत देख पिता के भी आंसू नहीं थम रहे थे। उनके यहां काम सीखने के लिए झांसी के मोंठ से आए रिश्तेदार अबूबकर और मोहम्मद अली की भी घटना में मौत हो गई। सगे संबंधियों की मौत से सभी घरों में मातम छा गया। मृतकों के घर पर भी काफी संख्या में लोग शोक संवेदना के लिए पहुंचे। हालांकि पोस्टमॉर्टम के बाद समाचार लिखे जाने तक शव घरों पर नहीं पहुंचे थे।