फाटो रेंज में घायल नर बाघ की मौत, पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार

फाटो रेंज में घायल नर बाघ की मौत, पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार

 

 

 

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की फाटो रेंज में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले वयस्क नर बाघ की उपचार के दौरान मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार बाघ को 26 जून 2026 को तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फाटो रेंज से अत्यंत गंभीर एवं घायल अवस्था में रेस्क्यू कर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया था।
रेस्क्यू सेंटर में बाघ का पशु चिकित्सकों की निगरानी में लगातार उपचार किया जा रहा था। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उपचार और देखभाल के लिए आवश्यक सभी प्रयास किए गए, लेकिन 25 अगस्त 2026 को करीब 4:30 बजे उपचाराधीन बाघ की मौत हो गई।
बाघ की मौत के बाद 26 अगस्त को ढेला रेस्क्यू सेंटर में पशु चिकित्साधिकारियों के गठित पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NTCA) की प्रतिनिधि तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक जैविक नमूने सुरक्षित किए गए हैं, जिन्हें भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद NTCA की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बाघ के शव का विधिवत दहन कर निस्तारण कर दिया गया।

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