रामनगर तराई पष्चिमी डिवीजन में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है हरेला पर्व।

रामनगर तराई पष्चिमी डिवीजन में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है हरेला पर्व।

 

रोशनी पांडे  – प्रधान संपादक

 

उत्तराखंड को देव नगरी यू ही नही कहा जाता हैं कुछ ऐसे पर्व उत्तराखंड में मनाये जाते हैं जैसे कि हरेला इस पर्व का अपना एक महत्व है इस पर्व से पर्यावरण को बचाया जाता है और वातावरण भी सुध करने का प्रयास होता है बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से पर्यावरण में बदलाव देखने को मिले हैं। ये एक चिंता का विषय है प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार अब इस खतरे को देखते हुए चिंतित नजर आ रही है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं की अधिक से अधिक पौधारोपण करवाया जाए इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की जनता से आवाहन किया है कि अपनी मां के नाम पर एक पौधा जरूर लगाए ऐसी ही मुहिम के चलते आज तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर की आमपोखरा रेज में प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद आर्य ने अतिक्रमण मुक्त कराई गई।

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भूमि पर पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट प्रभागीय वन अधिकारी प्रकाश चंद्र और समस्त रेंज का स्टाफ मौजूद रहा जिन्होंने पौधारोपण में हिस्सा लिया प्रकाश चंद्र आर्य ने तराई पष्चिमी डिवीजन में 350 सेक्टर भूमि पर पौधारोपण का लक्ष्य हैं जिसे इस महीने पूरा करने का प्रयास रहेगा है।

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