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दिनदहाड़े कटते रहे फलदार पेड़, वन-उद्यान-राजस्व विभाग बने मूकदर्शक

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दिनदहाड़े कटते रहे फलदार पेड़, वन-उद्यान-राजस्वफाइलों में दबेगा मामला या तय होगी जवाबदेही?

रोशनी पांडे प्रधान संपादक

रामनगर में विभागों की मिलीभगत का आरोप, खुलेआम कटते रहे आम-लीची के पेड़!
रामनगर।

 

 

फल पट्टी क्षेत्र के ग्राम हिम्मतपुर डोटियाल में मुख्य मार्ग पर उत्तरांचल नर्सरी के पास आम-लीची के फलदार वृक्षों का अवैध कटान केवल एक घटना नहीं, बल्कि वन, उद्यान और राजस्व विभाग की गंभीर नाकामी और संदिग्ध भूमिका की ओर इशारा करता है।

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चौंकाने वाली बात यह है कि जिस क्षेत्र में विभागीय निगरानी होनी चाहिए थी, वहीं दिनदहाड़े तीन फलदार पेड़ काट दिए गए और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने रहे। सवाल उठता है कि जब उद्यान विभाग ने पहले से रोक लगा रखी थी, तो कटान कैसे और किसकी शह पर हुआ?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध कटान बिना विभागीय संरक्षण के संभव ही नहीं, क्योंकि भारी औज़ारों और समय के बावजूद किसी भी विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना सिर्फ दिखावटी कार्रवाई मानी जा रही है।

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मौके पर आम पोखरा रेंज के रेंजर पूरन सिंह खनायत और राजस्व उप निरीक्षक मुन्नी कुमाल्टा पहुंचे, लेकिन तब तक पर्यावरण को अपूरणीय नुकसान पहुंच चुका था। अब सवाल यह नहीं कि पेड़ कटे, सवाल यह है कि
👉 कटान के वक्त विभाग कहां था?
👉 क्या दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है?
👉 या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
यदि समय रहते कठोर कार्रवाई और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो यह साफ माना जाएगा कि विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत से पर्यावरण का कत्ल किया जा रहा है।