उत्तराखंड क्राइम रामनगर

गोपालनगर शराब दुकान पर हाईकोर्ट आदेशों की गलत व्याख्या, उपजिलाधिकारी से की गई शिकायत”

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गोपालनगर शराब दुकान पर हाईकोर्ट आदेशों की गलत व्याख्या, उपजिलाधिकारी से की गई शिकायत”

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर (नैनीताल), 11 जून। मालधन चौड़ के गोपालनगर क्षेत्र में शराब दुकान को लेकर जारी विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। स्थानीय निवासी महेन्द्र लाल ने उपजिलाधिकारी रामनगर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुछ समाचार पत्रों और प्रचार माध्यमों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड के आदेशों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भ्रम और जनाक्रोश की स्थिति पैदा हो रही है।

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महेन्द्र लाल ने बताया कि उन्होंने गोपालनगर मालधन में नियमों की अनदेखी कर खोली गई शराब दुकान के विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी, जिसमें दिनांक 03 जून 2025 को न्यायालय ने दुकान बंद करने का आदेश दिया था।

इसके बावजूद दिनांक 10 जून को कुछ अखबारों में यह खबर प्रकाशित की गई कि कोर्ट ने दुकान खोलने के आदेश दिए हैं, जो पूर्णतः भ्रामक और वास्तविक आदेशों के विपरीत है।

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प्रार्थी के अनुसार, 09 जून को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश में केवल यह कहा गया है कि जब तक याचिकाओं का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्राधिकार प्राप्त एस.एच.ओ. पूर्व में जारी लाइसेंस के तहत सुरक्षा उपलब्ध कराएं — न कि दुकान खोलने की अनुमति दी जाए। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 03 जुलाई 2025 को होनी है।

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महेन्द्र लाल ने इस भ्रामक प्रचार को गंभीर मुद्दा बताते हुए उपजिलाधिकारी से मांग की है कि इस विषय पर जांच कर दोषी समाचार माध्यमों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय के आदेशों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जनभावनाओं से भी खिलवाड़ है।