जिलाधिकारी और SSP के आदेश पर काठगोदाम पुलिस का एक्शन, मनीष छह महीने तक नैनीताल से बाहर रहेगा।
रोशनी पाण्डेय – प्रधान संपादक
हल्द्वानी/नैनीताल। जनपद नैनीताल में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी नैनीताल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के आदेशों के अनुपालन में काठगोदाम पुलिस ने मनीष पुत्र गंगाराम निवासी रामलाल कॉलोनी, काठगोदाम को छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत जारी आदेशों के क्रम में की गई।
प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में चौकी प्रभारी खेड़ा, उपनिरीक्षक खष्टी बिष्ट कुमार ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए मनीष को नियमानुसार जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर किया।
नौ मुकदमों का रिकॉर्ड, आबकारी अधिनियम के कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, मनीष के विरुद्ध थाना काठगोदाम में वर्ष 2019 से 2025 के बीच कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकांश मामले आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत दर्ज किए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके विरुद्ध वर्ष 2019 में एक, वर्ष 2021 में तीन, वर्ष 2022 में एक, वर्ष 2023 में एक, वर्ष 2024 में दो और वर्ष 2025 में एक मुकदमा दर्ज हुआ। वर्ष 2021 के एक मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 188, 269 और 270 के साथ आबकारी अधिनियम की धारा 60 भी शामिल है।
छह महीने तक जनपद में प्रवेश पर प्रतिबंध
जिला बदर की कार्रवाई के तहत मनीष को छह माह तक जनपद नैनीताल से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
मीडिया सेल, जनपद नैनीताल के अनुसार, जिला प्रशासन और पुलिस के निर्देशों के तहत काठगोदाम पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
